गैस की कमी से बंद पड़े अधिकांश पंप, कीमत में 50 प्रतिशत तक उछाल
मेंगलूरु. मध्य-पूर्व में जारी तनाव के असर से राज्य में ऑटो एलपीजी की भारी कमी देखने को मिल रही है। मेंगलूरु, मैसूरु, हासन और बेंगलूरु समेत कई शहरों में गैस आपूर्ति बाधित होने से हजारों ऑटो रिक्शा सडक़ों से गायब हो गए हैं, जिससे आमजन भी परेशान हैं।
गैस की कमी से बढ़ी परेशानी
राज्यभर में करीब 3 लाख ऑटो रिक्शा एलपीजी पर निर्भर हैं, जिनमें से केवल बेंगलूरु में ही करीब 1.5 लाख ऑटो चलते हैं। लेकिन गैस सिलेंडर की कमी के कारण अधिकांश निजी पंप बंद पड़े हैं। मेंगलूरु में जहां पहले 15 से अधिक पंप पर गैस उपलब्ध थी, अब केवल 1-2 पंप पर ही सीमित आपूर्ति हो रही है।
ऑटो सेवा पर असर
मंगलूूरु शहर में ही करीब 1500 से अधिक ऑटो रिक्शा संचालन बंद हो चुका है। कई चालक मजबूरी में पेट्रोल का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन इससे उनकी लागत और बढ़ रही है।
परिवार पर आर्थिक संकट
ऑटो चालकों का कहना है कि रोजाना 200-250 रुपए तक घरेलू खर्च होता है, वहीं बच्चों की फीस और अन्य जिम्मेदारियां भी सामने हैं। ऐसे में कमाई घटने और खर्च बढऩे से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
एलपीजी संकट के कारण ऑटो चालकों और आम जनता दोनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरकार को जल्द समाधान तलाशना चाहिए।
घंटों लाइन में खड़े रहने को मजबूर चालक
गैस भरवाने के लिए उन्हें व्हाट्सएप संदेश के जरिए जानकारी लेकर कई किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। वहां भी 1-2 घंटे लंबी कतार में खड़े रहना पड़ता है।
–अरुण कुमार, कर्नाटक रक्षणा वेदिके ऑटो रिक्शा यूनियन
कीमतों में भारी उछाल
एलपीजी की कीमत पहले 66 रुपए प्रति किलो थी, जो अब बढक़र 94.90 रुपए हो गई है। यानी करीब 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। कुछ जगहों पर कीमत 100 रुपए के पार पहुंच गई है। बढ़ती कीमतों ने ऑटो चालकों की कमर तोड़ दी है।
–योगीश कुमार पाल्डाने, ऑटो रिक्शा चालक, मेंगलूरु
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