एलपीजी पर निर्भरता घटाने की दिशा में बड़ा कदम
पश्चिम एशिया संकट के बीच केंद्र सरकार का जोर
शहरी क्षेत्रों में पाइप गैस को बढ़ावा, लाखों उपभोक्ताओं ने दिखाई रुचि
नई दिल्ली: देश में एलपीजी पर बढ़ती निर्भरता को कम करने के उद्देश्य से केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन के विस्तार को तेज कर दिया है। मंत्रालय की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, इस वर्ष मार्च से अब तक देशभर में 4.40 लाख नए पीएनजी कनेक्शन जारी किए गए हैं।
तेजी से बढ़ रही मांग
मंत्रालय के मुताबिक, 4.88 लाख से अधिक उपभोक्ताओं ने नए पीएनजी कनेक्शन के लिए पंजीकरण कराया है, जो शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा की बढ़ती मांग को दर्शाता है। यह विस्तार सरकार की विशेष पीएनजी त्वरण रणनीति के तहत संभव हो पाया है।
नीतिगत सुधारों का असर
सरकार द्वारा लागू ‘प्राकृतिक गैस एवं पेट्रोलियम उत्पाद वितरण आदेश-2026’ के माध्यम से सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) नेटवर्क के विकास को गति मिली है। इससे परियोजनाओं की स्वीकृति प्रक्रिया तेज हुई है और राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में कार्यान्वयन सुगम बना है।
केंद्र का स्पष्ट संदेश
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि, “पीएनजी कनेक्शन का विस्तार स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल प्रदूषण कम होगा, बल्कि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और किफायती ईंधन भी उपलब्ध होगा।”
एलपीजी से पीएनजी की ओर रुख
पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण एलपीजी आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के बीच केंद्र सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि जहां पीएनजी उपलब्ध है, वहां एलपीजी की बजाय पीएनजी का उपयोग बढ़ाएं।
राज्यों की जिम्मेदारी बढ़ी
केंद्र ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी जैसे आवश्यक ईंधनों की आपूर्ति की निगरानी की जिम्मेदारी भी सौंपी है, ताकि किसी प्रकार की कमी की स्थिति से निपटा जा सके।
सरकार का मानना है कि इन प्रयासों से देश में गैस आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में भारत की प्रगति और तेज होगी।
