तीन साल में होनी थीं 12 बैठकें, हुईं सिर्फ तीनउमेश मेटी

बागलकोट तालुक पंचायत में विकास कार्यों की समीक्षा ठप

विधायक के स्तर पर त्रैमासिक बैठकें नहीं होने से योजनाओं की निगरानी पर सवाल

बागलकोट। बागलकोट तालुक पंचायत में कई वर्षों से निर्वाचित प्रशासनिक मंडल नहीं है। ऐसे में अधिकारी मासिक बैठकें तो आयोजित कर रहे हैं, लेकिन विधायक की अध्यक्षता में होने वाली त्रैमासिक प्रगति समीक्षा बैठकें नियमित रूप से नहीं हो रही हैं। इससे विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा प्रभावित हो रही है।

नियम के अनुसार प्रत्येक तीन महीने में विधायक को प्रगति समीक्षा बैठक आयोजित कर विभिन्न योजनाओं के कार्यान्वयन, निर्माण कार्यों की स्थिति और विभागवार प्रगति की समीक्षा करनी होती है। लेकिन बागलकोट तालुक में पिछले तीन वर्षों में निर्धारित 12 बैठकों के बजाय केवल तीन बैठकें ही हुई हैं।

हर साल सिर्फ एक बैठक

वर्ष 2023 में विधानसभा चुनाव जीतने के बाद तत्कालीन विधायक एच.वाई. मेटी ने जून में पहली बैठक आयोजित की थी। इसके बाद मार्च 2024 में दूसरी बैठक हुई, लेकिन पूरे वर्ष में फिर कोई समीक्षा बैठक नहीं हुई। वर्ष 2025 में जुलाई में तीसरी बैठक आयोजित की गई।

इस तरह तीन वर्षों में हर साल औसतन एक ही बैठक हुई, जबकि नियमित रूप से चार-चार बैठकें होनी चाहिए थीं।

नए विधायक के सामने भी सवाल

बीमारी के कारण तत्कालीन विधायक एच.वाई. मेटी का निधन हो गया। इसके बाद हुए उपचुनाव में उनके पुत्र उमेश मेटी विधायक निर्वाचित हुए। उनके विधायक बने करीब तीन महीने हो चुके हैं, लेकिन अब तक प्रगति समीक्षा बैठक आयोजित नहीं हुई है।

विधायक के तौर पर चुने जाने के बाद उन्होंने बेंगलूरु और ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित सम्मान समारोहों में भाग लिया। ग्रामीणों ने इन कार्यक्रमों के दौरान सडक़, पानी और अन्य समस्याएं उनके सामने रखीं। विधायक ने संबंधित अधिकारियों को फोन कर समस्याओं के समाधान के निर्देश भी दिए, लेकिन इन समस्याओं की विभागवार समीक्षा और समाधान की प्रगति जानने के लिए बैठक नहीं हो सकी।

‘नियमित बैठक नहीं तो प्रगति कैसे पता चलेगी?’

कर्नाटक रक्षणा वेदिके के जिला अध्यक्ष बसवराज धर्मंती ने कहा कि निर्धारित समय पर समीक्षा बैठक नहीं होने से विकास कार्य किस स्तर पर हैं, इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं मिलती। उन्होंने इसे जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की इच्छाशक्ति की कमी बताया।

बागलकोट नगरसभा में भी निर्वाचित प्रशासनिक मंडल नहीं है। वहां भी विकास कार्यों की नियमित समीक्षा नहीं होने की शिकायत है। हाल ही में उपलोकायुक्त के दौरे के दौरान कई कमियां सामने आई थीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन खामियों के समाधान के लिए भी ठोस कार्रवाई जरूरी है।

‘इसी महीने होगी बैठक’

बागलकोट विधायक उमेश मेटी ने कहा कि प्रगति समीक्षा बैठक इसी महीने आयोजित कर विकास कार्यों की समीक्षा की जाएगी।

 

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By Bharat Ki Awaz

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