निजी स्वार्थ के लिए महिलाओं का इस्तेमाल चिंताजनक
आयोग चलाएगा जागरूकता अभियान
अवैध शराब बिक्री पर भी सख्ती की मांग
कोप्पल। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. नागलक्ष्मी चौधरी ने महिलाओं को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा कि निजी स्वार्थ साधने के लिए महिलाओं को स्टिंग ऑपरेशन में आगे किया जाता है, लेकिन मकसद पूरा होते ही उन्हें अकेला छोड़ दिया जाता है। ऐसे मामलों में महिलाओं को सामाजिक और पारिवारिक मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। यह गंभीर चिंता का विषय है। आयोग इस तरह के दुरुपयोग के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने पर विचार कर रहा है।
कुष्टगी में सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में चौधरी ने कहा कि कुछ लोग प्रलोभन देकर महिलाओं को स्टिंग ऑपरेशन में शामिल करते हैं। बाद में उनके समर्थन में कोई आगे नहीं आता। ऐसे मामलों का असर केवल महिला के व्यक्तिगत जीवन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि परिवार और बच्चों के भविष्य पर भी पड़ सकता है। इसलिए किसी भी गतिविधि में शामिल होने से पहले महिलाओं को अपनी सुरक्षा और संभावित परिणामों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
अवैध शराब से बढ़ रही घरेलू हिंसा की चिंता
महिला आयोग अध्यक्ष ने गांवों और कस्बों में, खासकर बस्तियों और विद्यालयों के आसपास, अवैध शराब बिक्री पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि शराब की आसान उपलब्धता बच्चों को भी नशे की ओर धकेल सकती है। नशे के आदी पतियों के कारण महिलाएं घरेलू हिंसा और पारिवारिक समस्याएं झेल रही हैं। सरकार को अवैध बिक्री पर सख्ती से रोक लगानी चाहिए और शराब के लाइसेंस देने के मामले में जनहित को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने स्थानीय निकायों और ग्रामीणों से भी इस समस्या के खिलाफ आगे आने का आह्वान किया।
आयोग की 75 प्रतिशत सिफारिशों पर सरकार की प्रतिक्रिया
चौधरी ने कहा कि महिला आयोग की कार्यवाही में अब तक सरकार या किसी अन्य पक्ष की ओर से बाधा नहीं आई है। उनके अनुसार, आयोग की करीब 75 प्रतिशत सिफारिशों पर सरकार ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। शेष सिफारिशों पर प्रशासनिक कारणों से अमल संभव नहीं होने की स्थिति में सरकार जवाब दे रही है।
मंत्रिमंडल में महिला को जगह नहीं मिलने पर नाराजगी
राज्य मंत्रिमंडल में चार महीने बीतने के बावजूद किसी महिला को स्थान नहीं दिए जाने पर चौधरी ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि महिलाओं को समान अवसर देना केवल भाषणों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि शासन में उनकी भागीदारी भी सुनिश्चित होनी चाहिए। उन्होंने राज्य में महिलाओं के खिलाफ हिंसा के मामलों में कमी आने संबंधी एक सर्वेक्षण का उल्लेख करते हुए इसे राहत की बात बताया।
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