प्रवीण नेट्टारू हत्याकांड: चार साल बाद दो आरोपी गिरफ्तारअब्दुल नासिर और नौशाद।

एनआइए ने बेंगलूरु और कोच्चि से दबोचा

मुख्य आरोपियों को शरण देने का है आरोप

मेंगलूरु. भाजपा नेता प्रवीण नेट्टारू हत्याकांड की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) को बड़ी सफलता मिली है। करीब चार वर्षों से फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों पर हत्या के मुख्य आरोपियों को विभिन्न स्थानों पर छिपने में मदद करने का आरोप है।

एनआइए के अनुसार, दक्षिण कन्नड़ जिले के बेल्तंगडी तालुक के पडंगडी गांव निवासी नौशाद (32) को बेंगलूरु से गिरफ्तार किया गया, जबकि कोडगु जिले के सोमवारपेट तालुक के चौडली कॉन्वेंट रोड निवासी अब्दुल नासिर (41) को केरल के कोच्चि से पकड़ा गया।

मुख्य आरोपियों को ठिकाना उपलब्ध कराने का आरोप

जांच एजेंसी के मुताबिक, दोनों आरोपियों ने हत्या के मुख्य आरोपियों को मैसूरु, चामराजनगर और तमिलनाडु के इरोड में छिपने की व्यवस्था करने में सहायता की थी। इसी आधार पर उन्हें मामले में नामजद 27 आरोपियों की सूची में शामिल किया गया था।

एनआइए ने जांच के दौरान एक-एक कर अधिकांश आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि छह आरोपी लंबे समय तक फरार रहे, जिनकी गिरफ्तारी में मदद करने वालों के लिए एजेंसी ने दो-दो लाख रुपए के इनाम की भी घोषणा की थी।

2022 में हुई थी हत्या

एनआइए की चार्जशीट के अनुसार, 26 जुलाई 2022 को दक्षिण कन्नड़ जिले के सुल्या तालुक के बेल्लारे में भाजपा युवा नेता प्रवीण नेट्टारू की हत्या प्रतिबंधित संगठन पीएफआई के कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर हिंदू नेताओं को निशाना बनाकर की गई सुनियोजित हत्या की श्रृंखला के तहत की थी। जांच एजेंसी ने वर्ष 2025 में भी फरार आरोपियों के संबंध में पूरक आरोपपत्र दाखिल किया था।

एनआइए का मानना था कि फरार आरोपी पहचान छिपाकर बेंगलूरु और केरल में रह रहे थे। इसी आधार पर उनकी तलाश तेज की गई, जिसके बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता मिली।

 

Breaking News सबसे पहले पाना चाहते हैं?

अभी हमारे WhatsApp Channel को join करें

हर खबर सबसे पहले

Join करें : https://whatsapp.com/channel/0029Vb7S2RA65yD9fZX4Og1Z

 

 

Spread the love

By Bharat Ki Awaz

मैं भारत की आवाज़ हिंदी न्यूज़ पोर्टल से जुड़ा हुआ हूँ, जहाँ मेरा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और ताज़ा ख़बरें पहुँचाना है। राजनीति, समाज, संस्कृति और स्थानीय मुद्दों पर गहरी रुचि रखते हुए मैं हमेशा कोशिश करता हूँ कि समाचार केवल सूचना न हों, बल्कि पाठकों को सोचने और समझने का अवसर भी दें। मेरी लेखनी का मक़सद है—जनता की आवाज़ को मंच देना और देश-समाज से जुड़े हर पहलू को ईमानदारी से प्रस्तुत करना। भारत की आवाज़ के माध्यम से मैं चाहता हूँ कि पाठक न केवल ख़बरें पढ़ें, बल्कि उनसे जुड़ाव महसूस करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *