मंत्री ईश्वर खंड्रे और दिंगालेश्वर स्वामी ने किया स्थल निरीक्षण
हुब्बल्ली. हुब्बल्ली के नेहरू स्टेडियम में 19 सितंबर को आयोजित होने वाले वीरशैव लिंगायत एकता सम्मेलन की तैयारियों का सोमवार शाम को मंत्री ईश्वर खंड्रे और शिरहट्टी के फकीर दिंगालेश्वर स्वामी ने निरीक्षण किया।
मंत्री खंड्रे ने कहा कि सम्मेलन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस संबंध में स्वामी और विभिन्न जिम्मेदार नेताओं के साथ पूर्व तैयारी बैठक भी की गई है। उन्होंने आह्वान किया कि इस महासम्मेलन में सभी वीरशैव लिंगायत समाज के लोग बड़ी संख्या में भाग लें।
समाज की एकजुटता पर बल
मंत्री ने कहा कि समुदाय के सभी लोगों को संगठित होकर राज्य और देश के विकास में योगदान देना चाहिए। वीरशैव लिंगायत समाज ने स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर ‘नवभारत’ और ‘नवकर्नाटक’ निर्माण में अमूल्य योगदान दिया है। समाज ने हमेशा सभी जाति और भाषाओं के लोगों को शिक्षा, संस्कार, आश्रय और भोजन उपलब्ध कराया है।
उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति के लिए सभी वीरशैव लिंगायतों को एकजुट होकर चलना होगा। विचारों या उपगुटों के मतभेदों को दरकिनार कर समाज को एक मंच पर आना चाहिए।
जाति सर्वेक्षण का मुद्दा
खंड्रे ने कहा कि आरखरी बार जाति सर्वेक्षण 1931 में हुआ था। तब से अखिल भारतीय वीरशैव लिंगायत महासभा समुदाय का प्रतिनिधित्व करती आ रही है। उन्होंने मांग की कि आगामी सामाजिक और शैक्षणिक सर्वेक्षण में “वीरशैव लिंगायत” नाम से स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि राज्य में होने वाले सामाजिक व शैक्षणिक सर्वेक्षण में जाति और उपजाति के कॉलम में ‘वीरशैव लिंगायत’ या ‘वीरशैव’ या ‘लिंगायत’ को सटीक रूप से दर्ज करना चाहिए। धर्म के कॉलम में भी जहां जरूरत हो, ‘वीरशैव लिंगायत’ लिखा जाए। जाति के अंतर्गत 135 उपपंथों में से संबंधित उपगुट का नाम लिखना चाहिए।
सभी दलों का समर्थन
मंत्री खंड्रे ने स्पष्ट किया कि वीरशैव लिंगायत पहचान को लेकर सभी राजनीतिक दलों और नेताओं ने सहमति व्यक्त की है। इस विषय पर किसी प्रकार का भ्रम या वैचारिक मतभेद नहीं होना चाहिए।
विघटन समाज को कमजोर करता है
शिरहट्टी फकीरेश्वर मठ के दिंगालेश्वर स्वामी ने कहा कि समाज की शक्ति उसकी एकता में निहित है। विघटन समाज को कमजोर करता है। उन्होंने नारा दिया कि “वीरशैव लिंगायत एक है; विश्व ही हमारा बंधु है।
इस अवसर पर नेता मोहन असुंडी, संकल्प शेट्टर, महासभा के हावेरी जिला अध्यक्ष एम.एस. कोरिशेट्टर तथा विभिन्न मठों के स्वामी उपस्थित थे।

