गोविंद कारजोल का आरोप
जनता का ध्यान भटकाने के लिए सरकार कर रही राजनीतिक ‘गिमिक’
कलबुर्गी. पूर्व उपमुख्यमंत्री और सांसद गोविंद कारजोल ने मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि जब भी उनकी कुर्सी पर संकट आता है, तब वे हिजाब, जनेऊ और शिवधारा जैसे मुद्दे उठाकर लोगों का ध्यान भटकाने का प्रयास करते हैं।
शहर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कारजोल ने कहा कि सिद्धरामय्या पिछले आठ वर्षों से इसी प्रकार की “राजनीतिक गिमिक” करते आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले जाति गणना का मुद्दा उठाया गया, लेकिन सदाशिव आयोग, माधुस्वामी रिपोर्ट और नागमोहनदास रिपोर्ट को लागू नहीं किया गया। साथ ही सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का भी पालन नहीं हुआ।
बच्चों की भावनाओं से खिलवाड़
कारजोल ने आरोप लगाया कि अब स्कूल-कॉलेजों में हिजाब, जनेऊ और शिवधारा पहनने की अनुमति देकर सरकार लोगों को गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा कि देश के लोग सदियों से अपने धर्म और संस्कृति के साथ जीवन जीते आए हैं, लेकिन वर्तमान सरकार राजनीतिक लाभ के लिए बच्चों की भावनाओं के साथ खेल रही है।
उन्होंने कहा कि गरीब और अमीर के बीच भेदभाव न हो, इसी उद्देश्य से स्कूलों में समान वर्दी व्यवस्था लागू की गई थी। लेकिन सरकार ऐसे फैसलों से छात्रों के मन में विभाजन पैदा करने का प्रयास कर रही है।
जनविरोधी आदेश स्वीकार नहीं
भाजपा सांसद ने कहा कि उनकी पार्टी ऐसे “जनविरोधी आदेश” को स्वीकार नहीं करेगी, जो समाज में विवाद और विभाजन पैदा करे।
दलित मुद्दों पर भी सरकार को घेरा
कारजोल ने आरोप लगाया कि खुद को “अहिंदा नेता” कहने वाले सिद्धरामय्या के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल में राज्य में दलितों पर अत्याचार और महिलाओं की हत्याओं के मामलों में वृद्धि हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि दलितों के लिए निर्धारित निधि का दुरुपयोग किया गया तथा आंतरिक आरक्षण के मुद्दे पर भी सरकार ने दलित समुदाय के साथ अन्याय किया।
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