गोनूर के तालाब में पहुंचा भद्रा का जल, हजारों किसानों ने लगाए जयकारे
बोले—‘हमारा जीवन सार्थक हो गया’
चित्रदुर्ग। वर्षों से सूखे और पानी की कमी का दंश झेल रहे चित्रदुर्ग जिले के किसानों के लिए बुधवार का दिन भावुक कर देने वाला रहा। भद्रा ऊपरी जल परियोजना के तहत दोपहर करीब 2.50 बजे भद्रा का पानी गोनूर के निकट नहर में पहुंचा और पहाड़ी से नीचे स्थित तालाब की ओर बह निकला। पानी की पहली धार देखते ही वहां मौजूद हजारों किसान और ग्रामीण भावुक हो उठे। कई लोगों की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े।
सुबह से पानी का इंतजार
गोनूर एक्वाडक्ट निर्माण स्थल से कुछ दूरी पर नहर के किनारे दोपहर से ही किसान जुटने लगे थे। आसपास के गांवों से लोग समूहों में यहां पहुंच रहे थे। किसानों ने नहर पर बने पुल को केले के पौधों, आम के तोरण और फूलों से सजाया था।
जैसे ही नहर में पानी पहुंचा, किसानों ने जयकारे लगाए। किसान महिलाओं ने गंगा पूजा कर पानी पर पुष्पवर्षा की। नहर से अलग बनी नहर के रास्ते पानी तेजी से पहाड़ी से नीचे तालाब की ओर बढ़ा। देखते ही देखते हजारों लोग दोनों ओर जमा हो गए और पानी के बहाव को मोबाइल कैमरों में कैद करने लगे।
दो मिनट में तालाब तक पहुंचा पानी
नहर से निकला पानी महज करीब दो मिनट में नीचे स्थित तालाब तक पहुंच गया। तेज बहाव के साथ पानी को तालाब में प्रवेश करते देख किसानों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
हंपय्यन माळिगे के एक बुजुर्ग किसान नहर किनारे चुपचाप पानी को देखते रहे। आंखों से आंसू बहने लगे। कुछ देर बाद उन्होंने कहा कि इस जन्म का जीवन सार्थक हो गया। हमारे दादा के समय से भद्रा का पानी आने की बात सुनते आ रहे थे। आज अपनी आंखों से पानी आया देखना हमारा सौभाग्य है।
गोनूर के महांतेश भी भावुक हो उठे। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में इस तरह पानी को तेज बहाव के साथ बहते उन्होंने कभी नहीं देखा। “इस पानी में हमारे बच्चों और आने वाली पीढिय़ों का भविष्य है।”
एक पंप से रोज 700 क्यूसेक
विजयनगर जल निगम लिमिटेड के मुख्य अभियंता एच. रविशंकर ने बताया कि योजना के अनुसार पानी गोनूर तालाब तक पहुंचाया गया है। आगे सरकार के निर्देश के अनुसार काम जारी रहेगा और एक्वाडक्ट निर्माण में तेजी लाई जाएगी।
शांतिपुर और बेट्टतावरेकेरे पंप हाउस में चार-चार पंप लगाए गए हैं। फिलहाल एक पंप से प्रतिदिन करीब 700 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। शेष पंप शुरू होने पर नहर में पानी की मात्रा और बढ़ेगी।
भद्रा जल के स्वागत को लेकर संगठनों में खींचतान
जिले में भद्रा का पानी पहुंचने के बाद स्वागत और आंदोलन को लेकर दो किसान संगठनों के बीच भी प्रतिस्पर्धा दिखाई दे रही है। किसानों का कहना है कि संगठनों की संख्या मायने नहीं रखती, लक्ष्य भद्रा का पानी और सिंचाई व्यवस्था है। आगामी चरण में सूक्ष्म सिंचाई योजना को लागू कराने के लिए सभी संगठनों को मतभेद भुलाकर एकजुट होना चाहिए।
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