विद्या सौधा के जीर्णोद्धार के लिए 5 करोड़ और कंप्यूटर परीक्षा केंद्र के लिए 2 करोड़ मांगे
धारवाड़। कर्नाटक विश्वविद्यालय परिसर में खेल सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए ‘गेम्स विलेज’ विकसित करने की योजना बनाई गई है। इसके तहत खेल मैदान और स्वीमिंग पूल के नवीनीकरण के लिए 30 करोड़ रुपए, विद्या सौधा भवन के पुनरुद्धार के लिए 5 करोड़ रुपए तथा कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं के लिए केंद्र स्थापित करने के लिए 2 करोड़ रुपए के अनुदान की मांग करते हुए राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। यह जानकारी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. ए.एम. खान ने दी।
गुरुवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में इसकी जानकारी देते हुए खान ने कहा कि विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी में फिलहाल 100 कंप्यूटर उपलब्ध हैं। टाटा संस्था के सहयोग से एमओयू कर प्रतियोगी परीक्षाओं की कंप्यूटर आधारित परीक्षा आयोजित करने के लिए एक अत्याधुनिक केंद्र तैयार करने की योजना है।
पेंशन के लिए 131 करोड़ की जरूरत
कुलपति ने कहा कि कर्नाटक विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन के लिए करीब 131 करोड़ रुपए की आवश्यकता है। राज्य सरकार ने इस वर्ष 67.5 करोड़ रुपए उपलब्ध कराए हैं। मैसूरु विश्वविद्यालय को पेंशन के लिए 100 करोड़ रुपए दिए गए हैं। इसी तर्ज पर कर्नाटक विश्वविद्यालय को भी अतिरिक्त अनुदान उपलब्ध कराने की मांग सरकार से की गई है।
विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध महाविद्यालयों में शिक्षकों के 420 पद रिक्त हैं। इनमें से 378 पदों को भरने के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है।
828 एकड़ जमीन का होगा सर्वे
प्रो. खान ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर की जमीन के सर्वे की प्रक्रिया शुरू हो गई है। करीब 828 एकड़ भूमि से संबंधित दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं। इस कार्य के लिए भू-मापन विभाग के एक सेवानिवृत्त कर्मचारी को नियुक्त किया गया है। वर्ष 2025 का ‘अरिवे गुरु’ पुरस्कार जल्द प्रदान किया जाएगा।
शिक्षक दिवस पर शिक्षकों का सम्मान
विश्वविद्यालय के सीनेट सभागार में 5 सितंबर को सुबह 11 बजे शिक्षक दिवस समारोह और व्याख्यान कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। प्रो. डी.सी. पावटे की स्मृति में मूलतत्व व्याख्यान होगा। चिकित्सक डॉ. जॉन एब्रेजर ‘शिक्षा से परे : संपूर्ण एवं स्वस्थ जीवन की ओर’ विषय पर व्याख्यान देंगे।
इस अवसर पर ‘डॉ. डी.सी. पावटे ऐज एन एडमिनिस्ट्रेटर’ पुस्तक का विमोचन किया जाएगा। सेवानिवृत्त प्राचार्य प्रो. आर.एच. गुणकी भी कार्यक्रम में शामिल होंगे।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाले प्रो. शरणप्पा नंदिबेवोर, प्रो. विद्यानंद रेवणकर, प्रो. जी. सीतारामप्पा, प्रो. रवींद्र कांबळे, प्रो. रवींद्र चौगले, प्रो. राजेश कालकंबकर, प्रो. सरस्वती मास्ती, प्रो. एन.एम. बडिगेर, प्रो. संजीव इनामदार, प्रो. बी.जी. मूलिमनी, प्रो. एम.के. रबिनाळ, प्रो. आर.एफ. भजंत्री और डॉ. लक्ष्मी इनामदार का सम्मान किया जाएगा।
कुछ पाठ्यक्रमों में सीटें खाली
कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय के विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। कुछ पाठ्यक्रमों में वर्धित शुल्क (एनहांस्ड फीस) वाली सीटें अभी भी खाली हैं। इनमें सामान्यतः अन्य विश्वविद्यालयों के विद्यार्थी अधिक प्रवेश लेते हैं।
मानविकी, मराठी, संस्कृत, उर्दू और विदेशी भाषा विषयों में सीटें रिक्त हैं। कुछ विभागों में तो 10 से भी कम विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है।
संवाददाता सम्मेलन में प्रभारी कुलसचिव प्रो. विश्वनाथ, मूल्यांकन कुलसचिव प्रो. ए.एम. कडकोळ और प्रसारांग निदेशक प्रो. जे.एम. चंदूनवर मौजूद थे।
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