डिजिटल शिक्षा और आधुनिक सुविधाएं बनीं वजह
पूर्व प्राथमिक से लेकर पीयूसी तक एक ही परिसर में पढ़ाई की सुविधा
अभिभावकों का सरकारी स्कूलों पर बढ़ा भरोसा
राणेबेन्नूर। कर्नाटक पब्लिक स्कूल (केपीएस) मॉडल के तहत संचालित सरकारी स्कूलों में वर्ष-दर-वर्ष विद्यार्थियों के नामांकन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के राज्य सरकार के संकल्प को इससे नया बल मिला है। हावेरी जिले के राणेबेन्नूर तालुक में स्थित केपीएस स्कूलों में आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं के चलते दाखिला लेने वाले बच्चों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
एक ही परिसर में संपूर्ण शिक्षा की सुविधा
केपीएस स्कूलों में पूर्व-प्राथमिक से लेकर पीयूसी/12वीं तक की पढ़ाई एक ही परिसर में उपलब्ध कराई जा रही है। अनुभवी शिक्षकों द्वारा विषयवार शिक्षण, डिजिटल क्लासरूम, आधुनिक प्रयोगशालाएं, समृद्ध पुस्तकालय, खेल सुविधाएं और पाठ्येतर गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिए जाने के कारण अभिभावकों का विश्वास इन सरकारी स्कूलों के प्रति मजबूत हुआ है।
बदल रही अभिभावकों की सोच
कुछ वर्षों पूर्व तक सरकारी स्कूलों के प्रति उदासीन रहने वाले अभिभावक अब निजी स्कूलों को छोड़ अपने बच्चों का दाखिला केपीएस में करा रहे हैं। मुफ्त पाठ्यपुस्तकें, यूनिफॉर्म, मध्याह्न भोजन और छात्रवृत्ति जैसी योजनाएं गरीब व मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए अत्यंत मददगार साबित हो रही हैं। इससे ग्रामीण विद्यार्थियों का दूर-दराज के शहरों में जाने का रुझान कम हुआ है और उनके अभिभावकों पर आर्थिक बोझ भी घटा है।
छात्रों की संख्या हुई दोगुनी
राणेबेन्नूर तालुक में वर्तमान में कुल 13 केपीएस स्कूल संचालित हैं। छह वर्ष पूर्व अरेमल्लापुर के सरकारी स्कूल में जहां छात्रों की संख्या केवल 500 थी, वह अब बढक़र 1,000 हो गई है। इसी प्रकार इटगी और काकोल स्थित केपीएस स्कूलों में भी विद्यार्थियों की संख्या में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
Breaking News सबसे पहले पाना चाहते हैं?
अभी हमारे WhatsApp Channel को join करें
हर खबर सबसे पहले
Join करें : https://whatsapp.com/channel/0029Vb7S2RA65yD9fZX4Og1Z

