स्कूली बच्चों को जल्द मिलेगा शाम का नाश्तामध्याह्न भोजन करते बच्चे।

विजयनगर, बल्लारी, तुमकूरु और चित्रदुर्ग के विद्यार्थियों को मिलेगा पौष्टिक आहार

हूविनहडगली (विजयनगर)। विजयनगर, बल्लारी, तुमकूरु और चित्रदुर्ग जिलों के सरकारी प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को जल्द ही शाम का पौष्टिक नाश्ता मिलने वाला है। कर्नाटक खनिज एवं पर्यावरण पुनरस्थापन निगम (केएमआरसीइ) ने चारों जिलों के लिए 1.64 करोड़ रुपए की राशि मंजूर की है। संबंधित जिला पंचायतों ने जिला उपनिदेशकों और क्षेत्र शिक्षा अधिकारियों (बीइओ) को योजना लागू करने के निर्देश दिए हैं।

24,352 बच्चों को मिलेगा लाभ

हूविनहडगली तालुक के 138 प्राथमिक और 27 माध्यमिक सरकारी विद्यालयों के 24,352 विद्यार्थी योजना से लाभान्वित होंगे। बच्चों को भीगी हुई मूंगफली, अंकुरित मूंग, चिक्की तथा मौसंबी, संतरा या चीकू जैसे फल और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ दिए जाएंगे। खनन प्रभावित क्षेत्रों में बच्चों को अतिरिक्त पोषण उपलब्ध कराकर कुपोषण दूर करना योजना का प्रमुख उद्देश्य है।

तीन वर्ष के लिए मंजूरी

केएमआरसीइ ने योजना के लिए 10.64 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है। तीन वर्षों के लिए कुल 33 करोड़ रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति मिली है। इसमें रसोइयों और सहायिकाओं के लिए तीन वर्षों के लिए 59.70 लाख रुपए अलग रखे गए हैं।

जिला उपनिदेशक के निर्देश पर बीइओ ने विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों की बैठक कर योजना के क्रियान्वयन की तैयारियां शुरू कर दी हैं।

सैट्स में विद्यार्थियों का आंकड़ा अपडेट होने का इंतजार

हालांकि विद्यार्थियों की संख्या का अंतिम आंकड़ा अभी उपलब्ध नहीं है। जून से अब तक विद्यार्थियों के विद्यालय बदलने और नए प्रवेश के कारण उनकी जानकारी सैट्स सॉफ्टवेयर में अपडेट की जा रही है। 5 सितंबर तक आंकड़े अपडेट होने के बाद शाम के नाश्ते की व्यवस्था शुरू होने की संभावना है।

शिक्षकों ने जताई अतिरिक्त काम की चिंता

शिक्षकों का कहना है कि पहले से ही एआइ आधारित उपस्थिति, मध्याह्न भोजन, अंडे और केले सहित विभिन्न योजनाओं का डिजिटल रिकॉर्ड दर्ज करने का दबाव है। ऐसे में विद्यालय छूटने के समय नाश्ता वितरित करना उनके लिए अतिरिक्त जिम्मेदारी बन सकता है।

एक और जिम्मेदारी

एक शिक्षक ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि पहले से काम का इतना दबाव है कि अब शाम का नाश्ता एक और जिम्मेदारी बन गया है। हमें पढ़ाना है या भोजन-नाश्ता केंद्र चलाना है, यही सवाल है।

आदेश मिलते ही योजना शुरू

शाम के नाश्ते के संबंध में सभी सीआरपी, बीआरपी और प्रधानाध्यापकों को जानकारी दी गई है। सप्ताह में छह दिन मूंग और मूंगफली तथा शनिवार को फल वितरित किए जाएंगे। सरकार और विभाग से आदेश मिलते ही योजना शुरू कर दी जाएगी।
मंगला के., बीइओ, हूविनहडगली

आंकड़ों पर नजर

लाभार्थी जिले – 4
हूविनहडगली के लाभार्थी – 24,352 विद्यार्थी
सरकारी प्राथमिक विद्यालय – 138
सरकारी माध्यमिक विद्यालय – 27
तीन वर्ष की प्रशासनिक मंजूरी – 33 करोड़ रुपए
रसोइया-सहायिका मद – 59.70 लाख रुपए

 

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By Bharat Ki Awaz

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