शक्ति योजना की मार से थमीं 250 निजी बसेंनिजी बसें।

मुफ्त यात्रा से घटी सवारियां, बढ़ती लागत और कर के बोझ ने निजी परिवहन को संकट में डाला

संचालकों ने सरकार से की राहत की मांग

दावणगेरे। कर्नाटक सरकार की शक्ति योजना का सबसे बड़ा असर अब निजी बस परिवहन पर दिखाई देने लगा है। महिला यात्रियों के लिए सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा सुविधा शुरू होने के बाद निजी बसों की सवारियां लगातार घटी हैं। इसका परिणाम यह हुआ कि दावणगेरे जिले में पहले संचालित होने वाली लगभग 350 निजी बसों में से 250 से अधिक बसों का संचालन बंद हो गया है। वर्तमान में केवल 100 से 120 बसें ही सडक़ों पर चल रही हैं।

आमदनी घटी, खर्च बढ़ा

दावणगेरे जिला निजी बस मालिक संघ के कोषाध्यक्ष असलम ने कहा कि एक ओर शक्ति योजना से यात्री कम हो गए हैं, वहीं डीजल, टायर, स्पेयर पार्ट्स, बीमा और प्रति बस करीब दो लाख रुपए वार्षिक कर का बोझ लगातार बढ़ रहा है। कई मार्गों पर हमारी बसों के समय ही केएसआरटीसी बसें चलाई जाती हैं, जिससे अपेक्षित आय नहीं हो रही और कई संचालकों को बसें खड़ी करनी पड़ी हैं।

संघ के अध्यक्ष मल्लेशप्पा ने सरकार से राहत की मांग करते हुए कहा कि हम पिछले 50 वर्षों से ग्रामीण क्षेत्रों को परिवहन सेवा दे रहे हैं। सरकार निजी बसों को कर में छूट देकर हमारे नुकसान की भरपाई करे।

चालकों पर भी संकट

बस चालक शिवन्ना ने बताया कि यात्री हमारी बस में चढऩे से पहले केएसआरटीसी बस का इंतजार करते हैं। सरकारी बस आते ही वे उसी में चले जाते हैं। आमदनी आधी रह गई है, जिससे कर्मचारियों का वेतन और भत्ता देना भी मुश्किल हो गया है।

निजी बस संचालकों का कहना है कि यदि शीघ्र राहत नहीं मिली तो जिले में शेष बसों का संचालन भी बंद होने की आशंका है।

 

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By Bharat Ki Awaz

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