हुब्बल्ली-धारवाड़ बने नया औद्योगिक हब
बिडदी विवाद के बीच उठी मांग
बेंगलूरु से बाहर भी विकसित हों विश्वस्तरीय टाउनशिप, आइटी-बीटी और मेगा उद्योग
सरकार से विशेष पैकेज की अपेक्षा
हुब्बल्ली. बिडदी में प्रस्तावित टाउनशिप को लेकर चल रहे पक्ष-विपक्ष के आंदोलन के बीच अब उत्तर कर्नाटक में भी मेगा टाउनशिप और बड़े औद्योगिक निवेश की मांग जोर पकडऩे लगी है। उद्योग जगत, व्यापारिक संगठनों और क्षेत्रीय विशेषज्ञों का कहना है कि राजधानी बेंगलूरु तक विकास सीमित रखने के बजाय सरकार को राज्य के दूसरे सबसे बड़े जुड़वां शहर हुब्बल्ली-धारवाड़ को वैश्विक औद्योगिक एवं तकनीकी केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए विशेष पैकेज घोषित करना चाहिए।

बुनियादी ढांचा मौजूद, निवेश का इंतजार
हुब्बल्ली-धारवाड़ में सडक़, रेल और हवाई संपर्क जैसी मजबूत आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। हुब्बल्ली जंक्शन विश्व के सबसे लंबे रेलवे प्लेटफॉर्म (1,507 मीटर) के लिए जाना जाता है। यहां से मुंबई, दिल्ली, चंडीगढ़, पुडुचेरी सहित देश के विभिन्न हिस्सों के लिए रेल संपर्क उपलब्ध है। शहर में हवाई अड्डा है, राष्ट्रीय राजमार्ग-48 सहित प्रमुख सडक़ नेटवर्क मौजूद है तथा निकटवर्ती उत्तर कन्नड़ जिले का बंदरगाह निर्यात गतिविधियों को भी मजबूती देता है।

औद्योगिक निवेश की अपार संभावनाएं
जिले में लगभग 5,253 करोड़ रुपए के निवेश से 30 औद्योगिक इकाइयां स्थापित की जा चुकी हैं। इनमें टाटा मोटर्स, एईक्यूएस, यूफ्लेक्स और इंफोसिस जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल हैं। वर्तमान में जिले में तीन अल्ट्रा मेगा, दो मेगा, सात बड़े तथा 18 मध्यम उद्योग संचालित हैं। इन्वेस्ट कर्नाटक सम्मेलन में 12 कंपनियों ने हुब्बल्ली-धारवाड़ में 45,656 करोड़ रुपए के निवेश की इच्छा जताई थी, जिनमें से चार कंपनियां उत्पादन भी शुरू कर चुकी हैं।

धारवाड़ औद्योगिक नोड से बढ़ेंगी संभावनाएं
राज्य सरकार ने 2026-27 के बजट में बेंगलूरु-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर के अंतर्गत धारवाड़ औद्योगिक नोड विकसित करने की घोषणा की है। इस परियोजना के तहत 1,000 एकड़ भूमि अधिग्रहण, 30,000 करोड़ रुपए निवेश आकर्षित करने और लगभग 75 हजार रोजगार सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है। भूमि अधिग्रहण के लिए 600 करोड़ रुपए देने की घोषणा के साथ चालू वित्त वर्ष में 200 करोड़ रुपए का प्रावधान भी किया गया है।

आइटी-बीटी और नवाचार आधारित उद्योगों की मांग
धारवाड़ में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी), भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइआइटी), कृषि विश्वविद्यालय, कर्नाटक विश्वविद्यालय, वाल्मी तथा राष्ट्रीय विधि विज्ञान विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थान हैं। उद्योग संगठनों का मानना है कि इन संस्थानों के शोध और नवाचार का लाभ स्थानीय उद्योगों तक पहुंचाया जाए तथा आइटी और बायोटेक कंपनियों को आकर्षित कर युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित किए जाएं।
धारवाड़ विकास केंद्र उद्योग संघ के अध्यक्ष मंजुनाथ गोकावी ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में आधुनिक सडक़, जलनिकासी और अन्य आधारभूत सुविधाएं विकसित कर निवेशकों को आकर्षित करना आवश्यक है।
कर्नाटक वाणिज्य एवं उद्योग संस्था, हुब्बल्ली शाखा के अध्यक्ष जी. के. आदप्पगौडर ने कहा कि पारदर्शी भूमि अधिग्रहण, बेहतर लॉजिस्टिक्स और ऑटोमोबाइल उद्योगों को प्रोत्साहन देकर हुब्बल्ली-धारवाड़ को अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक ब्रांड बनाया जा सकता है।
Breaking News सबसे पहले पाना चाहते हैं?
अभी हमारे WhatsApp Channel को join करें
हर खबर सबसे पहले
Join करें : https://whatsapp.com/channel/0029Vb7S2RA65yD9fZX4Og1Z

