82 हजार से अधिक उपभोक्ताओं ने छोड़ी मुफ्त बिजलीबिजली मीटर।

गृह ज्योति योजना की आधी जांच पूरी

सरकार को सालाना 49 करोड़ रुपए से अधिक की बचत का अनुमान

फर्जी लाभार्थियों पर भी गिरेगी गाज

हुब्बल्ली। कर्नाटक सरकार की महत्वाकांक्षी गृह ज्योति मुफ्त बिजली योजना के लाभार्थियों के दस्तावेजों के पुन: सत्यापन का पहला चरण पूरा हो गया है। 1 से 31 जुलाई तक चले अभियान में राज्य के करीब 1.65 करोड़ लाभार्थी परिवारों में से 87.81 लाख यानी लगभग 50 प्रतिशत परिवारों का भौतिक सत्यापन पूरा किया गया है। इस दौरान 82,220 उपभोक्ताओं ने स्वेच्छा से गिव इट अप के तहत मुफ्त बिजली का लाभ छोड़ दिया या दस्तावेज उपलब्ध कराने से इनकार कर योजना से बाहर हो गए।

सरकार को होगी करोड़ों की बचत

ऊर्जा विभाग के अनुमान के अनुसार एक उपभोक्ता पर औसतन 500 रुपए प्रतिमाह यानी 6,000 रुपए प्रतिवर्ष की सब्सिडी खर्च होती है। इस आधार पर अभी तक योजना छोड़ चुके 82,220 उपभोक्ताओं के कारण राज्य सरकार को हर वर्ष लगभग 49.33 करोड़ रुपए की बचत होगी। अधिकारियों का मानना है कि 31 अगस्त तक पुन: सत्यापन पूरा होने के बाद यह आंकड़ा और बढ़ सकता है।

शहरी क्षेत्रों में नहीं मिल रहा अपेक्षित सहयोग

मीटर रीडर आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, किरायानामा और बिजली बिल जैसे दस्तावेजों का घर-घर जाकर सत्यापन कर रहे हैं। हालांकि, शहरी क्षेत्रों के अपार्टमेंट और संपन्न वर्ग के लोगों से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है। कई निवासी पहले ही पंजीकरण होने का हवाला देकर दोबारा दस्तावेज दिखाने से इनकार कर रहे हैं। इसके विपरीत गरीब और मध्यम वर्ग के लोग आसानी से दस्तावेज उपलब्ध करा रहे हैं।

75 घरों का लक्ष्य, जांच हो रही केवल 40-50 की

प्रत्येक कर्मचारी को प्रतिदिन 75 घरों का सत्यापन करने का लक्ष्य दिया गया है, लेकिन लोगों के सहयोग की कमी के कारण प्रतिदिन केवल 40 से 50 घरों की ही जांच हो पा रही है। यह अभियान 31 अगस्त तक जारी रहेगा।

फर्जी लाभार्थियों पर कसेगा शिकंजा

पुन: सत्यापन के दौरान यह भी सामने आया है कि कुछ बाहरी राज्यों के लोग स्थानीय परिचितों के आधार नंबर से लिंक कर अवैध रूप से योजना का लाभ उठा रहे थे। अब घर-घर जाकर दस्तावेजों के भौतिक सत्यापन के कारण ऐसे फर्जी और अपात्र लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें योजना से बाहर किया जाएगा। साथ ही आयकर दाता, अपात्र और राज्य में मतदाता के रूप में पंजीकृत नहीं होने वाले लाभार्थियों की भी समीक्षा की जा रही है।

बिजली वितरण कंपनियों द्वारा सत्यापित आवेदन

बिजली वितरण कंपनी — सत्यापित आवेदन

बेसकॉम — 35.94 लाख
हेस्कॉम — 21.00 लाख
मेस्कॉम — 11.84 लाख
चेस्कॉम — 10.63 लाख
जेस्कॉम — 8.16 लाख
हुक्केरी विद्युत संस्था — 24,226
कुल — 87.81 लाख

 

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By Bharat Ki Awaz

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