64 लाख श्रमिक, रोजगार मिला सिर्फ 537 परिवारों कोवीबी-जी राम जी योजना के तहत कार्य करते श्रमिक।

सूखे में रोजी का संकट, वीबी-जी राम जी योजना की रफ्तार सुस्त

183 पंचायतों ने खर्च नहीं किया एक रुपया

रोजाना 5 लाख मानव दिवस रोजगार देने की क्षमता

अब तक सिर्फ 1.64 करोड़ मानव दिवस का सृजन

हुब्बल्ली। कर्नाटक में सूखे की मार के बीच ग्रामीण रोजगार की सरकारी योजना की सुस्त रफ्तार ने चिंता बढ़ा दी है। खेती-किसानी की गतिविधियां थमने से गांवों में रोजगार का संकट गहरा रहा है, लेकिन ग्रामीणों को गांव में ही काम देने वाली वीबी-जी राम जी योजना अपेक्षित गति नहीं पकड़ पा रही है। योजना के तहत रोजाना करीब 5 लाख मानव दिवस रोजगार सृजन का लक्ष्य है, जबकि अब तक केवल 1.64 करोड़ मानव दिवस रोजगार ही सृजित हुआ है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि राज्य में 37.4 लाख सक्रिय रोजगार कार्ड और 64.53 लाख सक्रिय श्रमिक होने के बावजूद अब तक सिर्फ 537 परिवार ही 100 दिन का रोजगार पूरा कर पाए हैं। यानी लाखों श्रमिकों के सामने रोजगार की जरूरत है, लेकिन योजना की पहुंच बेहद सीमित नजर आ रही है।

पड़ोसी राज्यों से भी पीछे

1 जुलाई से लागू योजना के तहत कर्नाटक में 1,63,73,630 मानव दिवस सृजित हुए हैं। इसके मुकाबले आंध्र प्रदेश में करीब 4.5 करोड़, तमिलनाडु में 3.6 करोड़, राजस्थान में 3.49 करोड़, उत्तर प्रदेश में 2.83 करोड़ और महाराष्ट्र में 1.84 करोड़ मानव दिवस सृजित हो चुके हैं।

183 पंचायतों में शून्य खर्च

राज्य की 5,958 ग्राम पंचायतों में से 183 ने योजना के तहत अब तक एक रुपया भी खर्च नहीं किया। इससे योजना के जमीनी क्रियान्वयन पर सवाल खड़े होते हैं।

यादगीर आगे, फिर भी 100 दिन का रोजगार शून्य

यादगीर ने 19.54 लाख मानव दिवस के साथ राज्य में सर्वाधिक रोजगार सृजित किया है, लेकिन जिले में एक भी परिवार 100 दिन का रोजगार पूरा नहीं कर पाया। उडुपी, कोडगु, गदग और बेंगलूरु में भी 100 दिन का रोजगार पूरा करने वाले परिवारों की संख्या शून्य है। विजयनगर 62 परिवारों के साथ पहले और चिक्कमगलूरु 44 परिवारों के साथ दूसरे स्थान पर है।

एक अधिकारी के अनुसार, योजना लागू करने से पहले पर्याप्त तैयारी नहीं होने के कारण शुरुआत में प्रक्रिया संबंधी दिक्कतें आईं। अब व्यवस्थाओं में सुधार के बाद गति बढऩे की उम्मीद है।

100 से बढक़र 125 दिन

नई व्यवस्था में परिवार को मिलने वाला अधिकतम रोजगार 100 से बढ़ाकर 125 दिन किया गया है। शुरुआती दिक्कतें दूर कर दी गई हैं। सूखे की स्थिति में प्रतिदिन 5 लाख अकुशल श्रमिकों को रोजगार देने का लक्ष्य है, ताकि पलायन रोका जा सके।
–ईश्वर खंड्रे , ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज मंत्री

तथ्य एक नजर में

सक्रिय रोजगार कार्ड : 37.4 लाख
सक्रिय श्रमिक : 64.53 लाख
अब तक रोजगार : 1.64 करोड़ मानव दिवस
रोजाना लक्ष्य : 5 लाख मानव दिवस
100 दिन रोजगार पाने वाले परिवार : 537
कुल ग्राम पंचायतें : 5,958
शून्य खर्च वाली पंचायतें : 183
अधिकतम रोजगार : 125 दिन

 

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By Bharat Ki Awaz

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