‘नन्हे फरिश्ते’ अभियान में 50 बच्चे बचाए
44.8 लाख की खोई वस्तुएं लौटाईं
टिकट दलालों व नशे के खिलाफ की कार्रवाई
हुब्बल्ली. दक्षिण पश्चिम रेलवे (दपरे) की रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने फरवरी 2026 में यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे संपत्ति की रक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं। विभिन्न अभियानों के तहत आरपीएफ ने लापता बच्चों को बचाने से लेकर टिकट दलालों और नशीले पदार्थों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की।
आरपीएफ ने ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के तहत 50 बच्चों (38 लडक़े और 12 लड़कियां) को बचाकर उन्हें उनके परिवारों, पुलिस या संबंधित एनजीओ को सौंपा। वहीं ‘ऑपरेशन डिग्निटी’ के तहत देखभाल की जरूरत वाली एक बुजुर्ग महिला को सुरक्षित बचाकर परिवार अथवा एनजीओ के हवाले किया गया।
महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए चलाए जा रहे ‘मेरी सहेली’ अभियान के अंतर्गत अकेले यात्रा करने वाली महिलाओं की विशेष निगरानी की गई। उनकी सीट और यात्रा संबंधी जानकारी संबंधित स्टेशनों की आरपीएफ टीमों के साथ साझा कर यात्रा के दौरान सहायता उपलब्ध कराई गई। वर्तमान में 32 ट्रेनों को इस योजना में शामिल किया गया है।
टिकट दलालों के खिलाफ ‘ऑपरेशन उपलब्ध’ के तहत कर्नाटक और गोवा में छापेमारी कर 23 मामलों में 23 दलालों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान 1.75 लाख रुपए मूल्य के 48 लाइव टिकट और 65 इस्तेमाल किए गए टिकट जब्त किए गए।
नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई में ‘ऑपरेशन नार्को’ के तहत 57 किलोग्राम गांजा (2.71 लाख रुपए मूल्य) जब्त कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं ‘ऑपरेशन सतर्क’ के तहत लगभग 100 लीटर अवैध शराब भी बरामद की गई।
इसके अलावा 58 मामलों में यात्रियों के खोए लैपटॉप, मोबाइल फोन, आभूषण और अन्य वस्तुएं बरामद कर कुल 44.8 लाख रुपए की संपत्ति उनके मालिकों को लौटाई गई। दक्षिण पश्चिम रेलवे के अतिरिक्त महाप्रबंधक पी. अनंत ने आरपीएफ कर्मियों की सराहना करते हुए यात्रियों की सुरक्षा के प्रति रेलवे की प्रतिबद्धता दोहराई।

