माल ढुलाई को नई रफ्तार देगा दक्षिण पश्चिम रेलवेबेंगलूरु में माल ढुलाई का फाइल फोटो।

कर्नाटक को आर्थिक और लॉजिस्टिक्स हब बनाने की तैयारी

उद्योग, खनन और कृषि क्षेत्र को मिलेगा बड़ा लाभ

हुब्बल्ली. दक्षिण पश्चिम रेलवे ने कर्नाटक में माल परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और सशक्त बनाने के लिए व्यापक योजना तैयार की है। इसके तहत उद्योग, खनन और कृषि उत्पादों के बड़े पैमाने पर परिवहन के लिए नए माल शेड, लोडिंग सुविधाएं और रेलवे अवसंरचना विकसित की जाएगी। इस परियोजना से राज्य को आर्थिक और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।

मध्य कर्नाटक में बनेगा माल परिवहन गलियारा

तुमकूरु-चित्रदुर्ग-दावणगेरे मार्ग पर तिम्मराजनहल्ली, सिरा, हिरियूर, दोड्डसिद्दव्वनहल्ली और चित्रदुर्ग स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म तथा माल लाइनें विकसित करने की योजना है। इससे मूंगफली, नारियल उत्पादों और पवन एवं सौर ऊर्जा उपकरणों के परिवहन को गति मिलेगी।

कृषि और बीज उद्योग को बढ़ावा

शिवमोग्गा-शिकारीपुर-राणेबेन्नूर खंड में मक्का, मिर्च और हाइब्रिड बीजों की ढुलाई के लिए शिवमोग्गा टाउन और कोटेगंगूर में बड़े टर्मिनल विकसित किए जाएंगे। कुल 17 माल लाइनों के निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

खनिज और कृषि क्षेत्र पर विशेष फोकस

गदग-वाडी नई रेल लाइन का उपयोग लौह अयस्क, इस्पात उत्पादन तथा धान और दलहन जैसी कृषि उपज के परिवहन के लिए किया जाएगा। कोप्पल और रायचूर जिले के कई स्टेशनों पर रेलवे स्तर के प्लेटफॉर्म विकसित करने का प्रस्ताव है।

सीमेंट और चीनी उद्योग को मिलेगा लाभ

बागलकोट-कुडची मार्ग पर सुलेकेरी, खज्जिडोणी, मुधोल, यादवाड़ और तेरदाल सहित कई स्टेशनों पर माल लाइनें विकसित की जाएंगी। वहीं गंगावती, सिंधनूर और मानवी क्षेत्र में धान, कपास और दलहन के व्यापार को बढ़ावा देने के लिए माल शेड बनाए जाएंगे।

ऑटोमोबाइल और एफएमसीजी क्षेत्र को सहारा

धारवाड़-बेलगावी रेल खंड पर मुम्मिगट्टी, कित्तूर, एम.के. हुब्बल्ली और देसूर स्टेशनों पर माल लाइन और दो ऑयल साइडिंग स्थापित करने की योजना है, जिससे ऑटोमोबाइल, पेट्रोलियम और एफएमसीजी उद्योगों को सुविधा मिलेगी।

कॉफी और बागवानी उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा

चिक्कमगलूरु और सक्करायपट्टण स्टेशन पर माल ढुलाई सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। हासन जंक्शन मेंगलूरु बंदरगाह का प्रवेश द्वार बनेगा, जबकि चिक्कमगलूरु का माल शेड कॉफी, काली मिर्च और लकड़ी के निर्यात तथा उर्वरकों के आयात का प्रमुख केंद्र बनेगा।

आर्थिक एवं लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित करने का लक्ष्य

नई परियोजनाओं के माध्यम से कर्नाटक में माल परिवहन क्षमता बढ़ाने, सडक़ परिवहन पर निर्भरता कम करने और राज्य को एक मजबूत आर्थिक एवं लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
मंजुनाथ कनमाडी, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, दक्षिण पश्चिम रेलवे

 

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