दुर्लभ समुद्री तट की खूबसूरती पर खतरा
सजावट और एक्वेरियम के लिए रेत तस्करी की आशंका
कारवार. क्षेत्र में स्थित देश के दुर्लभ समुद्री तटों में गिने जाने वाले तिलमाती बीच से काला रेत चोरी होने की आशंका ने चिंता बढ़ा दी है।
स्थानीय लोगों और पर्यटकों का आरोप है कि यहां से विशेष प्रकार का काला रेत रात के समय चोरी कर ले जाया जा रहा है, जिससे इस प्राकृतिक धरोहर की सुंदरता पर खतरा मंडराने लगा है।
काले तिल जैसे दिखाई देने वाले रेत के कारण इस समुद्र तट को “तीलमाती” नाम मिला है। पहले करीब 50 मीटर लंबे तट पर घना काला रेत बड़ी मात्रा में दिखाई देता था, लेकिन हाल के दिनों में कई स्थानों पर सफेद रेत नजर आने लगी है। इससे पर्यटकों में निराशा देखी जा रही है।
कारवार के विधायक सतीश सैल ने आरोप लगाया है कि इस अनोखे समुद्र तट पर अवैध रूप से रेत निकालने वालों की नजर पड़ गई है। उनके अनुसार देर रात यहां से काला रेत बोरियों में भरकर बाहर ले जाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस तट को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के प्रयास किए गए थे, लेकिन रेत की चोरी इसकी प्राकृतिक सुंदरता को नुकसान पहुंचा सकती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ लोग छोटे-छोटे थैलों में रेत भरकर ले जाते हैं, जबकि कुछ पर्यटक भी सजावट के उद्देश्य से काला रेत ले जाने के लिए यहां पहुंचते हैं। यह रेत समुद्री मार्ग से गोवा सहित अन्य स्थानों तक भी पहुंचाया जाता है, जहां इसे एक्वेरियम, लक्जरी होटल और रिसॉर्ट की सजावट में इस्तेमाल किया जाता है।
तट की संरचना ही बदल सकती है
विशेषज्ञों के अनुसार यह काला रेत ज्वालामुखीय लावा से बने बेसाल्ट चट्टानों के क्षरण से बना है और यदि इसे बड़े पैमाने पर हटाया गया तो तट की संरचना ही बदल सकती है।
उचित कार्रवाई की जाएगी
पहले भी ऐसी शिकायत मिली थी, लेकिन जांच में स्पष्ट प्रमाण नहीं मिले। दोबारा शिकायत मिलने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
–आशा जी.एस., उपनिदेशक, खनन और भूविज्ञान विभाग

