दिनभर बोर्ड पकडक़र खड़ा रहा युवक
कडूर में अदालत का फैसला
लोगों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की पहल
चिक्कमगलूरु. यातायात नियमों का बार-बार उल्लंघन करने वाले व्यक्ति को केवल जुर्माना ही नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता फैलाने वाली अनोखी सजा देने का मामला सामने आया है। कडूर तालुक की अदालत ने एक युवक को दिनभर सार्वजनिक स्थान पर ट्रैफिक जागरूकता का बोर्ड पकडक़र खड़े रहने की सजा सुनाई।
कडूर तालुक के बिसिलेहल्ली गांव निवासी रंजीत को यह सजा दी गई। बताया गया है कि वह कई बार ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करते हुए वाहन चला रहा था। इस संबंध में पुलिस ने मामला दर्ज कर उसे अदालत में पेश किया था। सुनवाई के दौरान रंजीत ने अपनी गलती स्वीकार कर ली, जिसके बाद न्यायाधीश ने उसे एक अलग तरह की सामुदायिक सेवा (कम्युनिटी सर्विस) की सजा सुनाई।
अदालत के आदेश के अनुसार रंजीत को 17 मार्च को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक कडूर कस्बे के प्रमुख मरवंजी सर्कल पर ट्रैफिक जागरूकता संबंधी बोर्ड हाथ में लेकर खड़ा रहना पड़ा। इस अनोखी सजा का उद्देश्य लोगों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और गलती करने वालों में पश्चाताप की भावना पैदा करना बताया गया है।
विशेष बात यह रही कि अदालत ने यह सुनिश्चित करने के लिए एक पुलिसकर्मी को भी तैनात किया कि आरोपी निर्धारित समय तक बोर्ड लेकर खड़ा रहे। साथ ही शाम को उसकी गतिविधियों की रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए।
इस घटना की कडूर तालुक में व्यापक चर्चा हो रही है। लोगों का कहना है कि ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने वालों के लिए यह सजा एक सीख है और इससे सडक़ सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।

