पेपर मिल परिसर में जहरीला धुआं: अधिकारियों के खिलाफ लोगों में आक्रोशप्लास्टिक और अनुपयोगी कचरे को लगी आग बुझाते दमकल कर्मी।

दांडेली के पास प्लास्टिक जलाने से बढ़ा प्रदूषण

स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा

दांडेली (उत्तर कन्नड़). दांडेली के समीप केरवाड़ गांव स्थित श्रेयस और श्रीनिधि पेपर मिल परिसर में प्लास्टिक और अनुपयोगी कचरे को जलाने की घटनाएं फिर सामने आने से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। रविवार को दोबारा आग लगने के बाद सोमवार तक घना धुआं और दुर्गंध फैलने से हालात चिंताजनक बने हुए हैं।

अग्निशमन दल ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन मूल समस्या जस की तस बनी हुई है। आसपास के गांवों, पर्यटन स्थलों और रिहायशी इलाकों में वायु प्रदूषण बढऩे से लोगों को सांस लेने में दिक्कत सहित कई स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

बार-बार दोहराई जा रही समस्या

हाल के दिनों में इस तरह की घटनाएं लगातार हो रही हैं। प्रशासन द्वारा चेतावनी दिए जाने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं निकला है। हालमड्डी गांव के पूर्व ग्राम पंचायत सदस्य सुभाष भोवी वड्डर ने इस मामले में अधिकारियों को शिकायत देकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

प्लास्टिक जलाने का वैज्ञानिक खतरा

प्लास्टिक दहन से वातावरण में घातक रसायन फैलते हैं।
डाइऑक्सिन और फ्यूरान: कैंसर का खतरा
पीएम 2.5 व पीएम 10 कण : फेफड़ों को नुकसान
कार्बन मोनोऑक्साइड: शरीर में ऑक्सीजन की कमी
वाष्पशील कार्बनिक यौगिक (वीओसीएस) : तंत्रिका तंत्र पर असर

स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव

स्थानीय लोगों में सांस लेने में तकलीफ, खांसी, आंख-नाक-गले में जलन, सिरदर्द और उल्टी जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं। बच्चों में अस्थमा बढऩे की शिकायत भी मिल रही है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए यह स्थिति अधिक खतरनाक मानी जा रही है।

पर्यावरण और पर्यटन पर असर

दांडेली क्षेत्र अपने घने जंगलों और पर्यटन के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन बढ़ते प्रदूषण से हवा, पानी और मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। इससे जैव विविधता और पर्यटन उद्योग को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है।

सूत्रों के अनुसार, कारवार स्थित प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जिला प्रशासन संयुक्त निरीक्षण की तैयारी में हैं। वायु गुणवत्ता (एक्यूआई) की जांच और संबंधित इकाइयों पर कड़ी कार्रवाई को लेकर चर्चा जारी है।

स्थानीय लोगों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने प्लास्टिक जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, नियमित वायु निगरानी और स्वास्थ्य शिविरों के आयोजन की मांग की है।

Spread the love

By Bharat Ki Awaz

मैं भारत की आवाज़ हिंदी न्यूज़ पोर्टल से जुड़ा हुआ हूँ, जहाँ मेरा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और ताज़ा ख़बरें पहुँचाना है। राजनीति, समाज, संस्कृति और स्थानीय मुद्दों पर गहरी रुचि रखते हुए मैं हमेशा कोशिश करता हूँ कि समाचार केवल सूचना न हों, बल्कि पाठकों को सोचने और समझने का अवसर भी दें। मेरी लेखनी का मक़सद है—जनता की आवाज़ को मंच देना और देश-समाज से जुड़े हर पहलू को ईमानदारी से प्रस्तुत करना। भारत की आवाज़ के माध्यम से मैं चाहता हूँ कि पाठक न केवल ख़बरें पढ़ें, बल्कि उनसे जुड़ाव महसूस करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *