विभागों की जिम्मेदारी तय नहीं
अंधेरे व जर्जर सडक़ से बढ़ा हादसों का खतरा
चिक्कजाजूर (चित्रदुर्ग). सार्वजनिक सुविधा के लिए करीब एक दशक पहले बनाया गया रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) आज रखरखाव के अभाव में खतरे का केंद्र बन गया है। संबंधित विभागों की लापरवाही के कारण यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों और राहगीरों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ओवरब्रिज के निर्माण के बाद से ही इसके रखरखाव को लेकर रेलवे विभाग, लोक निर्माण विभाग और ग्राम पंचायत के बीच जिम्मेदारी तय नहीं हो पाई है। तीनों विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं, जिससे समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है।
ओवरब्रिज के दोनों छोरों की सडक़ें पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं और तीन स्थानों पर धंसाव हो चुका है। इसके अलावा, पुल पर लगे स्ट्रीट लाइट्स भी लंबे समय से बंद हैं, जिससे रात के समय आवागमन बेहद खतरनाक हो गया है। स्थानीय लोगों ने कई बार अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
स्थिति यह है कि पुल अब असामाजिक तत्वों का अड्डा बनता जा रहा है। शाम और सुबह टहलने जाने वाले लोग, खासकर महिलाएं और बुजुर्ग, अंधेरे के कारण डर के साये में यहां से गुजरते हैं। शराबियों की आवाजाही बढऩे से यहां गंदगी और असुरक्षा का माहौल बन गया है।
स्थानीय वायु विहार संघ के अध्यक्ष जी. नटराज ने बताया कि कई बार शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। यदि जल्द ही मरम्मत और प्रकाश व्यवस्था ठीक नहीं की गई, तो आंदोलन किया जाएगा।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, विधायक और सांसद से तत्काल हस्तक्षेप कर ओवरब्रिज की मरम्मत, रोशनी और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि संभावित हादसों को रोका जा सके।
हस्तांतरित नहीं हुआ
ओवरब्रिज का कार्य पूर्ण रूप से हस्तांतरित नहीं हुआ है, इसलिए ग्राम पंचायत इसे अपने अधीन नहीं ले सकती।
–जयप्पा, पीडीओ
संबंध में पत्र लिखा है
निर्माण पूरा होते ही इसे लोक निर्माण विभाग और ग्राम पंचायत को सौंपा जाना चाहिए था। हमने इस संबंध में पत्र लिखा है।
–नित्यानंद स्वामी, सहायक मंडल अभियंता, रेल विभाग
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