बल्लारी में 24 घंटे में सर्वाधिक वर्षा, जलभराव और बिजली संकट से लोग परेशान
बल्लारी. जिले में मानसून की सक्रियता बढऩे के साथ हुई बारिश ने एक ओर किसानों के चेहरे खिलाए हैं, वहीं दूसरी ओर शहरी क्षेत्रों की बदहाल आधारभूत संरचना की पोल भी खोल दी है। पिछले 24 घंटों में जिले में औसतन 1.22 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि सर्वाधिक 2.86 सेंटीमीटर बारिश बल्लारी तालुक में हुई।
जलभराव से बढ़ी मुश्किलें
भारी बारिश के कारण शहर के निचले इलाकों और बस्तियों में पानी भर गया। कई स्थानों पर नालियां उफान पर आ गईं और गंदा पानी रिहायशी क्षेत्रों में घुस गया। दुर्गम्मा मंदिर के समीप स्थित अंडरपास में पानी भर जाने से एक लॉरी फंस गई, जिससे यातायात प्रभावित हुआ और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जिले में बारिश से आठ मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। इनमें पांच मकान बल्लारी तथा तीन मकान सिरुगुप्पा तालुक में स्थित हैं। कई विद्युत खंभे, तार और ट्रांसफार्मर भी प्रभावित हुए हैं।
19 घंटे गुल रही बिजली
शनिवार रात हुई तेज बारिश से जेस्कॉम के दो प्रमुख विद्युत उपकेंद्रों में पानी घुस गया। अधिकारियों और कर्मचारियों ने जेसीबी तथा अग्निशमन दल की मदद से पानी निकालने का प्रयास किया। रात आठ बजे बाधित हुई बिजली आपूर्ति अगले दिन दोपहर तीन बजे बहाल हो सकी। लगभग 19 घंटे तक बिजली गुल रहने से लोगों में भारी नाराजगी देखी गई।
विम्स अस्पताल में भी घुसा पानी
बल्लारी के विजयनगर मेडिकल कॉलेज एवं अनुसंधान केंद्र (विम्स) अस्पताल के कुछ वार्डों में भी वर्षा का पानी घुस गया। अस्पताल प्रशासन को मरीजों के बिस्तर और चिकित्सा उपकरण सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने पड़े। घटना के बाद अस्पताल की जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
विजयनगर में राहत की बारिश
उधर, होसपेट (विजयनगर) और आसपास के क्षेत्रों में रविवार शाम करीब आधे घंटे तक तेज हवा के साथ अच्छी बारिश हुई। लंबे समय से गर्मी से परेशान लोगों को इससे राहत मिली।
नगर परिषद आयुक्त ए. शिवकुमार ने बताया कि जिले के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश की सूचना मिली है, हालांकि कुछ क्षेत्रों में बारिश नहीं हुई।
किसानों में उत्साह
कुडतिनी (संडूर) और आसपास के गांवों में शनिवार रात 24.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। अच्छी बारिश के बाद किसानों ने खरीफ फसलों की बुवाई की तैयारी तेज कर दी है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में बारिश का क्रम जारी रहा तो खेती-किसानी को बड़ा लाभ होगा।
बारिश ने जहां प्रशासन को जलनिकासी और आधारभूत सुविधाओं की कमियों का अहसास कराया है, वहीं किसानों के लिए बेहतर फसल की उम्मीद भी जगाई है।
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