286 गांव और 60 वार्ड प्रभावित होने की आशंका
4.81 लाख लोगों पर असर संभव
प्रशासन ने वैकल्पिक जल आपूर्ति के लिए बनाई योजना
576 निजी बोरवेल चिन्हित
हावेरी. जिले में बढ़ती गर्मी के बीच पेयजल संकट गहराता जा रहा है। बीच-बीच में बारिश होने के बावजूद ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पानी के लिए लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर लोग ठेला गाडिय़ों में पानी ढोते नजर आ रहे हैं।
लाखों लोगों पर असर की आशंका
जिला प्रशासन ने पहले ही 286 गांवों और शहर के 60 वार्डों की पहचान की है, जहां पेयजल संकट उत्पन्न हो सकता है। अनुमान है कि करीब 4.81 लाख लोगों को जल आपूर्ति में बाधा का सामना करना पड़ सकता है।
निजी बोरवेल से पानी की व्यवस्था
जिलाधिकारी विजय महांतेश दानम्मनवर के अनुसार, जिले में उपलब्ध जल स्रोतों का सर्वे किया गया है। 576 निजी बोरवेल चिन्हित किए गए हैं, जिनमें से 31 बोरवेल के माध्यम से 24 गांवों में पानी की आपूर्ति शुरू कर दी गई है। जरूरत पडऩे पर अन्य गांवों में भी इसी व्यवस्था का विस्तार किया जाएगा।
अन्य जल स्रोतों का उपयोग
प्रशासन ने 3,591 सार्वजनिक बोरवेल की भी पहचान की है। इसके अलावा वरदा, तुंगभद्रा और धर्मा नदियों के साथ-साथ हेग्गेरी, आनेकेरी और नागनूर तालाबों से भी पानी उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है।
मरम्मत और स्वच्छता पर जोर
अधिकारियों को सभी खराब बोरवेल और पेयजल इकाइयों की मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही जलाशयों और नदियों के पानी को स्वच्छ रखने के लिए सफाई कार्य तेज करने को कहा गया है।
आपदा से निपटने की तैयारी
प्रशासन ने जर्जर मकानों की पहचान कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए हैं। जरूरत पडऩे पर स्कूल, आंगनवाड़ी और सामुदायिक भवनों में अस्थायी आश्रय की व्यवस्था की जाएगी।
स्वास्थ्य और स्वच्छता पर निगरानी
गर्मी के मौसम में संक्रामक रोगों के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को सतर्क रहने और लोगों में जागरूकता फैलाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही नालियों और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने पर भी जोर दिया गया है।
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