उत्तर कन्नड़ के गन्ना किसानों को डबल फायदाजिलाधिकारी के. लक्ष्मीप्रिया।

किसानों के राशि खाते में जमा प्रोत्साहन

सरकार और चीनी मिलों से प्रति टन 100 रुपए अतिरिक्त भुगतान

हजारों किसानों को बड़ी राहत

दांडेेली (उत्तर कन्नड़). उत्तर कन्नड़ जिले के गन्ना किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार द्वारा गन्ना आपूर्ति करने वाले किसानों को प्रोत्साहन राशि जारी की गई है, जिससे किसानों को इस बार “डबल लाभ” मिला है।

सरकार ने प्रति मीट्रिक टन गन्ने पर 50 रुपए प्रोत्साहन राशि देने का आदेश दिया था। इसके साथ ही संबंधित चीनी कारखानों को भी अपने स्तर पर प्रति टन 50 रुपए अतिरिक्त भुगतान करने के निर्देश दिए गए। इस प्रकार किसानों को कुल 100 रुपए प्रति टन का अतिरिक्त लाभ प्राप्त हुआ है।

हजारों किसानों को मिला सीधा लाभ

15 फरवरी 2026 तक आपूर्ति किए गए गन्ने के लिए 5,57,39,531 रुपए की राशि जारी की गई है, जबकि इसके बाद की अवधि के लिए 59,055 रुपए अतिरिक्त राशि वितरित की गई। इस योजना का लाभ सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा किया गया है।

जिले के ईआईडी पैरी चीनी कारखाने को कुल 11,15,971.72 मीट्रिक टन गन्ना आपूर्ति करने वाले 14,082 किसानों को सरकार ने 5,57,98,586 रुपए की राशि जारी की। इसी के बराबर राशि कारखाने द्वारा भी दी गई, जिससे कुल 11,15,97,172 रुपए सीधे किसानों के खातों में पहुंचाए गए।

प्रशासन की अपील

जिलाधिकारी के. लक्ष्मीप्रिया ने किसानों से अपील की है कि वे अपने बैंक खातों की जांच कर लें और सुनिश्चित करें कि राशि सही तरीके से जमा हो गई है।

किसानों के लिए राहत का कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की प्रोत्साहन योजनाएं किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। बढ़ती लागत और मौसम की अनिश्चितताओं के बीच यह सहायता किसानों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है।

 

Breaking News सबसे पहले पाना चाहते हैं?

अभी हमारे WhatsApp Channel को join करें

हर खबर सबसे पहले

Join करें : https://whatsapp.com/channel/0029Vb7S2RA65yD9fZX4Og1Z

Spread the love

By Bharat Ki Awaz

मैं भारत की आवाज़ हिंदी न्यूज़ पोर्टल से जुड़ा हुआ हूँ, जहाँ मेरा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और ताज़ा ख़बरें पहुँचाना है। राजनीति, समाज, संस्कृति और स्थानीय मुद्दों पर गहरी रुचि रखते हुए मैं हमेशा कोशिश करता हूँ कि समाचार केवल सूचना न हों, बल्कि पाठकों को सोचने और समझने का अवसर भी दें। मेरी लेखनी का मक़सद है—जनता की आवाज़ को मंच देना और देश-समाज से जुड़े हर पहलू को ईमानदारी से प्रस्तुत करना। भारत की आवाज़ के माध्यम से मैं चाहता हूँ कि पाठक न केवल ख़बरें पढ़ें, बल्कि उनसे जुड़ाव महसूस करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *