होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे भारत के 15 जहाजहोर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे भारत के जहाज।

500 भारतीयों की बढ़ी चिंता

मरीन इंजीनियर ने सुनाई दहला देने वाली कहानी

पानी-खाद्य संकट से जूझ रहे चालक दल

मेंगलूरु. मध्य-पूर्व में जारी तनाव का असर अब समुद्री मार्गों पर भी साफ दिखने लगा है। होर्मुज जलडमरूमध्य में भारत के 23 जहाज फंस गए थे, जिनमें से 8 एलपीजी जहाज सुरक्षित निकल चुके हैं, जबकि 15 जहाज अब भी वहीं लंगर डाले हुए हैं। इन जहाजों पर सवार करीब 500 भारतीय कर्मचारी भारी चिंता में हैं।

दहशत भरे हालात

मेंगलूरु पहुंचे एक मरीन इंजीनियर (मूल निवासी मेंगलूरु) ने बताया कि 28 फरवरी को जब खामेनी की हत्या हुई, उस समय वे कुवैत में एलपीजी लोड कर रहे थे। उसी दौरान ईरान की ओर से हमले हुए और होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने की जानकारी मिली।

भारत-ईरान वार्ता से राहत

इंजीनियर के अनुसार, भारत में एलपीजी संकट को देखते हुए भारत और ईरान के बीच हुई अहम वार्ता के बाद 8 एलपीजी जहाजों को आगे बढऩे की अनुमति मिली। उनका जहाज भी इसी के तहत सुरक्षित भारत पहुंच सका।

हालांकि, तेल और अन्य कच्चा माल लेकर जा रहे 15 जहाज अब भी फंसे हुए हैं, जिनमें मौजूद भारतीयों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

पानी और भोजन का संकट

समुद्र के बीच फंसे जहाजों में अब पानी और खाद्य सामग्री की कमी होने लगी है। हालात ऐसे हैं कि चालक दल बंदरगाह तक भी नहीं पहुंच पा रहा है। हर दिन स्थिति और गंभीर होती जा रही है।

परिवारों में चिंता का माहौल

मरीन इंजीनियर ने बताया कि उनके सुरक्षित भारत पहुंचने तक परिवार के लोग लगातार चिंता में थे। संपर्क न होने पर स्थिति और तनावपूर्ण हो जाती थी। अब उनके सुरक्षित पहुंचने से परिवार ने राहत की सांस ली है।

भारत के लिए बढ़ेंगी मुश्किलें

उन्होंने चेतावनी दी कि हॉर्मुज मार्ग बंद रहने से भारत को एलपीजी और कच्चा तेल आयात करने में बड़ी दिक्कतें आएंगी। पहले जहां कुवैत और यूएई से 4-5 दिनों में आपूर्ति हो जाती थी, वहीं अब रूस या मैक्सिको से आयात में 25-30 दिन और अमरीका से 40 दिन तक लग सकते हैं, जिससे लागत भी बढ़ेगी।

एक और जहाज पहुंचेगा मेंगलूरु

रूस से एलपीजी लेकर एक और जहाज मेंगलूरु बंदरगाह पहुंचने वाला है, जहां करीब 10,500 मीट्रिक टन एलपीजी की अनलोडिंग की जाएगी।

मध्य-पूर्व संघर्ष के चलते समुद्री व्यापार पर पड़ा यह असर आने वाले दिनों में भारत के लिए आर्थिक और ऊर्जा संकट को और गहरा सकता है।

 

Breaking News सबसे पहले पाना चाहते हैं?

अभी हमारे WhatsApp Channel को join करें

हर खबर सबसे पहले

Join करें : https://whatsapp.com/channel/0029Vb7S2RA65yD9fZX4Og1Z

Spread the love

By Bharat Ki Awaz

मैं भारत की आवाज़ हिंदी न्यूज़ पोर्टल से जुड़ा हुआ हूँ, जहाँ मेरा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और ताज़ा ख़बरें पहुँचाना है। राजनीति, समाज, संस्कृति और स्थानीय मुद्दों पर गहरी रुचि रखते हुए मैं हमेशा कोशिश करता हूँ कि समाचार केवल सूचना न हों, बल्कि पाठकों को सोचने और समझने का अवसर भी दें। मेरी लेखनी का मक़सद है—जनता की आवाज़ को मंच देना और देश-समाज से जुड़े हर पहलू को ईमानदारी से प्रस्तुत करना। भारत की आवाज़ के माध्यम से मैं चाहता हूँ कि पाठक न केवल ख़बरें पढ़ें, बल्कि उनसे जुड़ाव महसूस करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *