मध्य-पूर्व युद्ध का असर
यूएनडीपी रिपोर्ट में चेतावनी
महंगाई, खाद्य असुरक्षा और जीवन-यापन पर बढ़ा दबाव
नई दिल्ली. संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम की ताजा रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष का असर भारत समेत एशिया-प्रशांत देशों पर गहराता जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में करीब 25 लाख लोग गरीबी के दायरे में पहुंच सकते हैं।
महंगाई ने बढ़ाया संकट
रिपोर्ट में कहा गया है कि अमरीका, इजराइल और ईरान के बीच जारी सैन्य तनाव ने वैश्विक बाजार को प्रभावित किया है। कच्चे तेल और जरूरी वस्तुओं की कीमतों में तेजी से वृद्धि हुई है, जिससे आम लोगों के जीवन-यापन की लागत बढ़ गई है। इसके चलते खाद्य असुरक्षा और रोजगार पर भी असर पड़ रहा है।
वैश्विक स्तर पर 88 लाख प्रभावित
यूएनडीपी के अनुसार, पिछले 45 दिनों के संघर्ष के कारण दुनिया भर में 88 लाख लोग गरीबी रेखा के करीब पहुंच गए हैं। यदि यह स्थिति लंबे समय तक जारी रही, तो एशिया-प्रशांत क्षेत्र को करीब 300 अरब डॉलर का आर्थिक नुकसान हो सकता है।
भारत में बढ़ी गरीबी दर
रिपोर्ट के मुताबिक, संघर्ष के बाद भारत में गरीबी दर 23.9 प्रतिशत से बढक़र 24.2 प्रतिशत हो गई है। 28 फरवरी से पहले जहां देश में 35.15 करोड़ लोग गरीब श्रेणी में थे, वहीं 10 अप्रेल तक यह संख्या बढक़र 35.40 करोड़ हो गई है।
विकास कार्यक्रमों पर असर
रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि इस संकट का असर मानव विकास कार्यक्रमों पर भी पड़ेगा, जिससे सामाजिक और आर्थिक प्रगति में बाधा आ सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द स्थिति सामान्य नहीं हुई, तो इसका व्यापक प्रभाव भारत सहित कई विकासशील देशों की अर्थव्यवस्था पर देखने को मिलेगा।
Breaking News सबसे पहले पाना चाहते हैं?
अभी हमारे WhatsApp Channel को join करें
हर खबर सबसे पहले
Join करें : https://whatsapp.com/channel/0029Vb7S2RA65yD9fZX4Og1Z

