डोनाल्ड ट्रंप का दावा—चेतावनी के बाद की गई फायरिंग
वॉशिंगटन: पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट अमेरिकी नौसेना ने ईरान के एक मालवाहक जहाज को रोकते हुए अपने कब्जे में ले लिया। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह जहाज अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा था।
अमेरिकी नौसेना के गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर USS Spruance ने ‘तौस्का’ नामक ईरानी जहाज को रोका। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि करीब छह घंटे तक लगातार चेतावनी देने के बावजूद जहाज नहीं रुका, जिसके बाद उसे रोकने के लिए फायरिंग करनी पड़ी। इसके बाद मरीन बलों ने जहाज को अपने नियंत्रण में ले लिया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस कार्रवाई को आवश्यक बताते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय नियमों के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं, ईरान ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे “समुद्री डकैती” करार दिया है और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। तेहरान का आरोप है कि अमेरिका ने युद्धविराम का उल्लंघन किया है।
इस घटना के तुरंत बाद वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल देखा गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात ऐसे ही बने रहे, तो ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ सकता है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है।
गौरतलब है कि हाल ही में अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकाबंदी लागू की थी। यह उसी के बाद पहला मामला है, जब किसी जहाज ने इस नाकाबंदी को तोड़ने की कोशिश की। इस घटनाक्रम से पश्चिम एशिया में संघर्ष और तेज होने की आशंका जताई जा रही है, जिससे वैश्विक शांति प्रयासों पर भी असर पड़ सकता है।
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