हुब्बल्ली-धारवाड़ के तालाब बदहालउणकल झील में उगी जलकुंभी निकालते मजदूर।

प्रदूषण और बदइंतजामी से बढ़ा खतरा

सीवेज, कचरे और जलकुंभी से जूझ रहे जलस्रोत

नागरिकों में बढ़ी बीमारी की आशंका

हुब्बल्ली. कभी पेयजल और कृषि के प्रमुख स्रोत रहे हुब्बल्ली-धारवाड़ क्षेत्र के तालाब आज बदहाल स्थिति में हैं। सीवेज का पानी, कचरा और जलकुंभी के कारण इन जलस्रोतों का अस्तित्व संकट में पड़ता जा रहा है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की है।

उणकल और तोलनकेरे की हालत चिंताजनक

हुब्बल्ली का प्रमुख उणकल झील, जो लगभग 240 एकड़ में फैला है, आज पूरी तरह प्रदूषित हो चुका है। आसपास के इलाकों का गंदा पानी, होटल और अस्पतालों का अपशिष्ट बिना शोधन के सीधे झील में मिल रहा है, जिससे दुर्गंध और जलकुंभी का विस्तार बढ़ा है।
इसी तरह स्मार्ट सिटी योजना के तहत विकसित तोलनकेरे झील की स्थिति भी खराब है। करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद यहां सफाई और रखरखाव का अभाव साफ नजर आता है।

नागरिकों में आक्रोश

स्थानीय निवासी विनायक का कहना है कि उद्यान में प्रवेश शुल्क लेने के बावजूद यहां स्वच्छता नहीं है। बदबू, मच्छरों का प्रकोप और अव्यवस्था से लोग परेशान हैं।

संतोष नगर स्थित तालाब और नागशेट्टीकोप्पा का तालाब कचरे का ढेर बन चुका है, जहां सीवेज सीधे गिरने से हालात और खराब हो गए हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में भी हालात खराब

धारवाड़ जिले के कई तालाबों की स्थिति भी चिंताजनक है। उप्पिनबेटगेरी के यडहल्ली गांव का तालाब वर्षों से उपेक्षित है, जबकि नवलगुंद के भद्रापुर तालाब में पानी ही नहीं है। अल्नावर के हिरेकेरे में गाद और प्लास्टिक कचरा भर चुका है, जिससे इसकी जलधारण क्षमता खत्म हो रही है।

समाधान की मांग

स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल गाद निकालने या अस्थायी सफाई से समस्या का समाधान नहीं होगा। इसके लिए सीवेज प्रबंधन, नियमित रखरखाव और दीर्घकालिक जल संरक्षण योजना की जरूरत है। अन्यथा आने वाले समय में जलसंकट और स्वास्थ्य समस्याएं और गंभीर रूप ले सकती हैं।

सफाई अभियान चलाया जाएगा

हुब्बल्ली-धारवाड़ महानगर निगम के कार्यकारी अभियंता विठ्ठल तुबाके ने बताया कि जलकुंभी हटाने के लिए टेंडर जारी किया गया है और जल्द सफाई अभियान चलाया जाएगा।

सीवेज को रोका जाएगा

हुब्बल्ली-धारवाड़ महानगर निगम आयुक्त रुद्रेश घाली ने कहा कि सीवेज को सीधे तालाबों में जाने से रोककर शोधन संयंत्र तक पहुंचाने की योजना पर काम किया जा रहा है।

 

Breaking News सबसे पहले पाना चाहते हैं?

अभी हमारे WhatsApp Channel को join करें

हर खबर सबसे पहले

Join करें : https://whatsapp.com/channel/0029Vb7S2RA65yD9fZX4Og1Z

Spread the love

By Bharat Ki Awaz

मैं भारत की आवाज़ हिंदी न्यूज़ पोर्टल से जुड़ा हुआ हूँ, जहाँ मेरा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और ताज़ा ख़बरें पहुँचाना है। राजनीति, समाज, संस्कृति और स्थानीय मुद्दों पर गहरी रुचि रखते हुए मैं हमेशा कोशिश करता हूँ कि समाचार केवल सूचना न हों, बल्कि पाठकों को सोचने और समझने का अवसर भी दें। मेरी लेखनी का मक़सद है—जनता की आवाज़ को मंच देना और देश-समाज से जुड़े हर पहलू को ईमानदारी से प्रस्तुत करना। भारत की आवाज़ के माध्यम से मैं चाहता हूँ कि पाठक न केवल ख़बरें पढ़ें, बल्कि उनसे जुड़ाव महसूस करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *