नदियों के नाम पर बिक रहा पानी
चित्रदुर्ग में निजी आरओ जल की बाढ
गुणवत्ता और अनुमति पर उठे गंभीर सवाल
चित्रदुर्ग. भीषण गर्मी और जल संकट के बीच शहर में निजी आरओ पानी का कारोबार तेजी से फैल गया है। हालत यह है कि लोग अब भद्रा ही नहीं, बल्कि “गंगा, तुंगा, कावेरी, गोदावरी” जैसे नामों वाले आरओ पानी का उपयोग कर रहे हैं।
टैंकरों से पानी की आपूर्ति
जिले में भूजल स्तर गिरने और बोरवेल सूखने के कारण लोग टैंकर पानी पर निर्भर हो गए हैं। शहर के कई इलाकों में 15 दिनों तक भी नगर पालिका से पानी नहीं मिल रहा, जिससे लोगों को मजबूरन निजी आरओ पानी खरीदना पड़ रहा है।
बिना अनुमति चल रहा कारोबार
निजी आरओ संचालक बिना किसी वैध अनुमति के पानी बेच रहे हैं। न तो नगर पालिका से मंजूरी ली गई है और न ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से। इसके बावजूद शहरभर में टैंकरों के जरिए घर-घर पानी पहुंचाया जा रहा है।
गुणवत्ता पर बड़ा सवाल
सबसे बड़ी चिंता पानी की गुणवत्ता को लेकर है। इन आरओ प्लांट्स में पानी का पीएच स्तर या अन्य मानकों की जांच हो रही है या नहीं, इसकी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वाद अच्छा होने के कारण वे यह पानी खरीदते हैं, लेकिन उसकी गुणवत्ता को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
स्वास्थ्य पर खतरे की आशंका
चिकित्सक डॉ. एस. सतीश के अनुसार, आरओ पानी में स्वाद बढ़ाने के लिए रसायनों का उपयोग किया जा सकता है। यदि पीएच स्तर असंतुलित हो जाए तो यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
होटल और संस्थान भी निर्भर
शहर के अधिकांश होटल, कैंटीन और अस्पताल भी अब निजी आरओ पानी पर निर्भर हो गए हैं, जिससे इस कारोबार का दायरा और बढ़ गया है।
प्रशासन पर सवाल
जल संकट के इस दौर में बिना निगरानी के चल रहा यह कारोबार प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द ही गुणवत्ता जांच और नियमन नहीं किया गया, तो यह स्थिति स्वास्थ्य संकट में बदल सकती है।
Breaking News सबसे पहले पाना चाहते हैं?
अभी हमारे WhatsApp Channel को join करें
हर खबर सबसे पहले
Join करें : https://whatsapp.com/channel/0029Vb7S2RA65yD9fZX4Og1Z

