जिला पंचायत सीईओ की कार्रवाई, सरकारी धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज करने की तैयारी
यादगीर. जिले में ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों (पीडीओ) द्वारा फर्जी बायोमेट्रिक हाजिरी लगाने का बड़ा मामला सामने आया है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) लवीश ओरडिया ने 80 से अधिक पीडीओ की कथित अनियमितताओं का खुलासा करते हुए उन्हें नोटिस जारी किया है। साथ ही सरकारी धोखाधड़ी, फर्जी रिकॉर्ड तैयार करने और आईटी कानून के दुरुपयोग के आरोप में पुलिस मामला दर्ज करने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।
जिले के कई गांवों में पीडीओ के नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहने और ग्रामीण समस्याओं का समाधान नहीं करने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। सीईओ लवीश ओरडिया ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए ग्राम पंचायतों में लागू बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली की जांच कराई। जांच में सामने आया कि कई अधिकारी स्वयं कार्यालय में उपस्थित हुए बिना दूसरों से अपनी बायोमेट्रिक हाजिरी लगवा रहे थे।
बैठक में खुली पोल
शुक्रवार को पेयजल आपूर्ति, कर वसूली, स्वच्छता और मनरेगा कार्यों की समीक्षा के लिए पीडीओ, सचिवों और लेखा सहायकों की बैठक बुलाई गई थी। बैठक समाप्त होने के बाद सीईओ ने अचानक सभी अधिकारियों को मौके पर ही बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराने का निर्देश दिया।
यह निर्देश सुनते ही कई अधिकारी असहज हो गए और कुछ ने उंगलियों में चोट जैसी दलीलें देने की कोशिश की। हालांकि सीईओ ने सभा कक्ष के दरवाजे बंद कराकर सभी की अनिवार्य बायोमेट्रिक जांच करवाई। इस दौरान लगभग 80 प्रतिशत पीडीओ की फर्जी उपस्थिति का खुलासा हुआ।
जिले में 120 से अधिक पीडीओ कार्यरत हैं और इनमें से कई अधिकारी गांवों में मौजूद रहे बिना कर्मचारियों या अन्य लोगों से अपनी हाजिरी लगवाते थे।
सीईओ लवीश ओरडिया ने कहा कि दोषी अधिकारियों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं और मामले में धोखाधड़ी तथा आईटी एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई की तैयारी चल रही है।
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