मजदूरों के साथ अमानवीय व्यवहार पर रजत का आक्रोशरजत उल्लागड्डीमठ।

विधायक महेश टेंगिनकाई पर मानवाधिकार उल्लंघन का आरोप

हुब्बल्ली. बस स्टैंड पर पश्चिम बंगाल समेत विभिन्न राज्यों से आए और अन्य शहरों की ओर जा रहे सैकड़ों मजदूरों को जबरन गंदी जमीन पर बैठाकर पूछताछ किए जाने के मामले ने राजनीतिक रंग पकड़ लिया है। कांग्रेस नेता रजत उल्लागड्डीमठ ने भाजपा विधायक महेश टेंगिनकाई पर तीखा हमला बोलते हुए इस घटना को “अमानवीय और शर्मनाक” बताया है।

रजत उल्लागड्डीमठ ने कहा कि एक जनप्रतिनिधि द्वारा गरीब मजदूरों के साथ इस तरह का व्यवहार करना मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक महेश टेंगिनकाई ने “मोरल पुलिसिंग” की तरह व्यवहार करते हुए मजदूरों को अपमानित किया, जो पूरे समाज को शर्मसार करने वाली घटना है।

पुलिस की भूमिका पर भी सवाल

कांग्रेस नेता ने इस मामले में पुलिस विभाग की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने कानून के अनुसार कार्रवाई करने के बजाय विधायक के दबाव के आगे झुकने का काम किया।

रजत ने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारी कानून लागू करने के बजाय केवल एक विधायक को संतुष्ट करने और खुश करने में लगे रहे। यह प्रशासनिक व्यवस्था के पूरी तरह पतन का उदाहरण है। उन्होंने पुलिस विभाग की “रीढ़विहीन कार्यशैली” की भी कड़ी आलोचना की।

“क्या भाजपा नेता मजदूरों का काम करेंगे?”

भाजपा पर निशाना साधते हुए रजत उल्लागड्डीमठ ने कहा कि यदि देश के मजदूरों को इसी तरह अपमानित किया जाएगा, तो भविष्य में शहरों के विकास कार्य कौन करेगा। उन्होंने सवाल किया कि हुब्बल्ली की सडक़ें कौन बनाएगा? उद्योगों में मेहनत कौन करेगा? क्या भाजपा विधायक और उनके कार्यकर्ता खुद आकर यह कठिन श्रम करेंगे?

रजत ने कहा कि मजदूर वर्ग ही देश और समाज का वास्तविक निर्माता है। अपने पसीने से देश का निर्माण करने वाले श्रमिकों का अपमान करने या उन पर दादागिरी करने का अधिकार किसी जनप्रतिनिधि या राजनीतिक दल को नहीं है।

 

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By Bharat Ki Awaz

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