दुबारे हादसे के बाद पणसोली हाथी शिविर पर संकटपणसोली हाथी शिविर।

पर्यटकों की एंट्री बंद होने से स्थानीय पर्यटन और छोटे कारोबारियों की बढ़ी चिंता

दांडेली (उत्तर कन्नड़). दांडेली के समीप स्थित प्रसिद्ध पणसोली हाथी शिविर में पर्यटकों के प्रवेश पर लगाए गए प्रतिबंध का असर अब स्थानीय पर्यटन और उससे जुड़े व्यवसायों पर साफ दिखाई देने लगा है। दुबारे में हुई दुर्घटना के बाद एहतियातन यह कदम उठाया गया, लेकिन इसके चलते छोटे व्यापारी, जीप चालक, गाइड, होमस्टे संचालक और अन्य स्थानीय लोग आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।

काली जंगलों की प्राकृतिक सुंदरता के बीच बसे पणसोली हाथी शिविर को जिले के प्रमुख वन्यजीव पर्यटन स्थलों में गिना जाता है। यहां पर्यटक हाथियों की देखभाल, स्नान, भोजन और प्रशिक्षण जैसी गतिविधियों को करीब से देख पाते थे। खासकर बच्चों और परिवारों के लिए यह आकर्षण का प्रमुख केंद्र था।

वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि हाथी अत्यंत संवेदनशील और बुद्धिमान जीव होते हैं, जिनका व्यवहार वातावरण, भीड़, शोर और मौसम से प्रभावित होता है। विशेषकर ‘मस्त’ अवस्था में नर हाथियों के आक्रामक होने की संभावना अधिक रहती है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि वैज्ञानिक प्रबंधन और नियंत्रित व्यवस्था के जरिए पर्यटकों को पूरी तरह प्रतिबंधित करने की आवश्यकता नहीं है।

विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने, मजबूत बैरिकेडिंग और व्यूइंग प्लेटफॉर्म बनाने, सीमित संख्या में पर्यटकों को प्रवेश देने, परिवारों के लिए अलग अवलोकन क्षेत्र तय करने और अनुभवी महावतों व वनकर्मियों की अनिवार्य मौजूदगी जैसी व्यवस्थाएं लागू की जा सकती हैं। इसके अलावा सीसीटीवी निगरानी, आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली, फ्लैश फोटोग्राफी और शोर पर रोक जैसे उपाय भी जरूरी बताए गए हैं।

पर्यावरणविदों के अनुसार, पणसोली शिविर केवल मनोरंजन स्थल नहीं, बल्कि पर्यावरण शिक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र भी बन सकता है। यहां बच्चों और पर्यटकों को वन संरक्षण, जैव विविधता और मानव-वन्यजीव सहअस्तित्व के बारे में प्रत्यक्ष जानकारी मिलती है।

स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि सुरक्षा इंतजाम कड़े किए जाएं, लेकिन पूर्ण प्रतिबंध से पर्यटन उद्योग को स्थायी नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। उन्होंने वन विभाग, वन्यजीव विशेषज्ञों, पशु चिकित्सकों और पर्यटन प्रतिनिधियों की संयुक्त समिति बनाकर व्यावहारिक सुरक्षा दिशा-निर्देश तैयार करने की मांग की है।

 

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By Bharat Ki Awaz

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