बस स्टैंड पर सैकड़ों प्रवासी मजदूरों की जांच
विधायक महेश टेंगिनकाई की भूमिका पर विवाद
हुब्बल्ली. शहर में शनिवार को उस समय हडक़ंप मच गया, जब पश्चिम बंगाल समेत विभिन्न राज्यों से आए 250 से अधिक प्रवासी मजदूरों को ‘बांग्लादेशी घुसपैठिया’ होने के संदेह में पुलिस ने जांच के दायरे में लिया। यह कार्रवाई शहर के गोकुल रोड स्थित नए बस स्टैंड पर की गई, जहां बड़ी संख्या में मजदूर गोवा जाने के लिए एकत्र हुए थे।
ये मजदूर अमरावती एक्सप्रेस ट्रेन से हुब्बल्ली पहुंचे थे और वहां से बस के जरिए गोवा तथा कर्नाटक के अन्य जिलों में मजदूरी के लिए रवाना होने वाले थे। इसी दौरान कुछ हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने इनके बांग्लादेशी घुसपैठिए होने की आशंका जताते हुए पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस और राजस्व विभाग ने संयुक्त रूप से मजदूरों के पहचान पत्रों और दस्तावेजों की जांच की।

जांच के दौरान ओडिशा के एक परिवार के दस्तावेजों में कुछ विसंगतियां सामने आईं, हालांकि स्थानीय ग्राम प्रतिनिधियों ने उनकी पहचान की पुष्टि कर दी। पुलिस के अनुसार, अधिकांश लोग पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड और बिहार के दिहाड़ी मजदूर हैं, जो गोवा और कर्नाटक में रेलवे, निर्माण और अन्य श्रम कार्यों में लगे हुए हैं।
मामले ने तब राजनीतिक रंग ले लिया, जब भाजपा विधायक महेश टेंगिनकाई मौके पर पहुंचे और पुलिस से जानकारी ली। इस दौरान मजदूरों को बस स्टैंड परिसर में जमीन पर बैठाकर पूछताछ किए जाने के आरोप लगे। विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने इसे अमानवीय बताते हुए कड़ी आलोचना की। उनका कहना है कि प्रवासी मजदूरों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार करना मानवाधिकारों का उल्लंघन है।
दूसरी ओर, बेलगावी में भी इसी तरह की कार्रवाई के दौरान बंगाल मूल के 20 स्वर्णकारी मजदूरों को पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। बाद में जांच में स्पष्ट हुआ कि वे सभी स्थानीय आभूषण दुकानों में कार्यरत वैध मजदूर हैं, जो चुनाव और छुट्टियों के बाद काम पर लौट रहे थे। पुलिस ने दस्तावेजों और बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद उन्हें छोड़ दिया।
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