‘एफ-35 और एमक्यू-9 गिराए’, ट्रंप बोले- ‘यूरेनियम सौंपो वरना नष्ट करेंगे’
खाड़ी क्षेत्र में हालात तनावपूर्ण; ईरान ने इंटरनेट प्रतिबंध हटाने का भी दिया आदेश
तेहरान/वॉशिंगटन. मध्य-पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ईरान ने दावा किया है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने अमेरिकी एमक्यू-9 रीपर ड्रोन, आरक्यू-4 निगरानी ड्रोन और एफ-35 लड़ाकू विमान को मार गिराया है। हालांकि, अमेरिका की ओर से इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉप्र्स (आईआरजीसी) ने बयान जारी कर कहा कि देश के हवाई क्षेत्र में घुसपैठ करने वाले अमेरिकी विमानों को निशाना बनाकर कार्रवाई की गई। ईरानी मीडिया के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य के पास केश्म द्वीप क्षेत्र में यह सैन्य गतिविधियां हुईं। ईरान ने दावा किया कि उसने अत्याधुनिक स्वदेशी रक्षा प्रणाली का इस्तेमाल कर इन लक्ष्यों को निष्क्रिय किया।
इस बीच, अमेरिका ने भी दक्षिणी ईरान में सैन्य ठिकानों पर “आत्मरक्षा के तहत सटीक हमले” करने की बात कही है। अमेरिकी सेंटकॉम के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिंस ने कहा कि ईरानी मिसाइल प्रक्षेपण स्थलों और नौसैनिक गतिविधियों को निशाना बनाया गया, ताकि अमेरिकी बलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि वह तुरंत समृद्ध यूरेनियम अमेरिका को सौंप दे, अन्यथा उसे नष्ट कर दिया जाएगा। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि परमाणु सामग्री को अंतरराष्ट्रीय निगरानी में खत्म किया जाना चाहिए।
उधर, ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने कहा कि अब अमेरिका के लिए मध्य-पूर्व सुरक्षित क्षेत्र नहीं रहा और क्षेत्रीय ताकतें अमेरिकी सैन्य मौजूदगी का जवाब देने में सक्षम हैं।
इसी दौरान, ईरान सरकार ने लगभग 87 दिनों से लागू इंटरनेट प्रतिबंध हटाने का आदेश दिया है। राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने देश में इंटरनेट सेवाएं बहाल करने के निर्देश दिए हैं। युद्ध और सुरक्षा कारणों से लगाए गए इस प्रतिबंध के चलते ईरानी नागरिक लंबे समय से व्हाट्सऐप, इंस्टाग्राम और एक्स जैसे वैश्विक मंचों का उपयोग नहीं कर पा रहे थे।
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