राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार से सम्मानित होकर राज्य में कायम किया अनूठा कीर्तिमान
उडुपी. शिक्षा और जनभागीदारी के लिए पहचान रखने वाले उडुपी जिले की पांच ग्राम पंचायतों ने एक साथ केंद्र सरकार के प्रतिष्ठित ‘राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार’ हासिल कर नया इतिहास रचा है। जल प्रबंधन, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवा, महिला सशक्तीकरण और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों के कारण मडामक्की, हकलाडी, वंड्से, मुद्राडी और साणूर पंचायतियों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है।
जल प्रबंधन में मिसाल बना मडामक्की
हेब्री तालुक के मडामक्की ग्राम पंचायत ने सीमित जल स्रोतों के बावजूद 800 से अधिक घरों तक नल से पानी पहुंचाकर आदर्श प्रस्तुत किया है। नियमित जल गुणवत्ता जांच, जल संरक्षण और मनरेगा के तहत कुओं व चेक डैम निर्माण जैसे प्रयास इसकी सफलता की आधारशिला बने हैं। हालांकि गांव के कुछ हिस्सों में आज भी बिजली और सडक़ जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी बनी हुई है।
हकलाडी में शत-प्रतिशत सामाजिक सुरक्षा
कुंदापुर तालुक की हकलाडी पंचायत ने पात्र लाभार्थियों को पेंशन, दिव्यांग पहचान पत्र और आयुष्मान भारत कार्ड उपलब्ध कराकर सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धि हासिल की है। पंचायत ने 1,320 लोगों को विभिन्न योजनाओं से जोडऩे के साथ ही घर-घर जाकर जरूरतमंदों तक राशन और पेंशन पहुंचाने की व्यवस्था भी की है।
वंड्से बना स्वास्थ्य सेवा का मॉडल
वंड्से ग्राम पंचायत को ‘स्वस्थ पंचायत’ पुरस्कार मिला है। ‘निरामय सोसाइटी’ के सहयोग से संचालित सामुदायिक उपशमन केंद्र के माध्यम से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे 305 लोगों को निरंतर देखभाल और सहायता प्रदान की जा रही है। पंचायत की पहल से सरकारी विद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या भी उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है।
मुद्राडी में महिला शक्ति से गरीबी उन्मूलन
मुद्राडी पंचायत ने ‘संजीविनी’ योजना के तहत 650 महिलाओं को 65 स्वयं सहायता समूहों से जोडक़र आर्थिक आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त किया है। एक करोड़ रुपए के ऋण के माध्यम से महिलाओं को लघु उद्योगों से जोड़ते हुए पंचायत ने ग्रामीण गरीबी उन्मूलन की दिशा में नई मिसाल कायम की है।
चुनौतियों के बीच आत्मनिर्भर बना साणूर
कार्कल तालुक की साणूर पंचायत ने भौगोलिक कठिनाइयों और भूमि की कमी जैसी समस्याओं के बावजूद आधुनिक पंचायत भवन और पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था विकसित कर उत्कृष्ट कार्य किया है। पंचायत राज व्यवस्था के अंतर्गत नागरिक सेवाओं को सरल और प्रभावी बनाने के लिए कई नवाचार किए गए हैं।
उपलब्धियों के बीच चुनौतियां भी बरकरार
स्थानीय लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय सम्मान की चमक के बावजूद इन गांवों में बिजली, जर्जर सडक़ें और रोजगार के सीमित अवसर जैसी समस्याएं अब भी मौजूद हैं। पुरस्कारों के साथ-साथ आधारभूत सुविधाओं के विकास पर भी समान रूप से ध्यान देना चाहिए।
गरीबी मुक्त गांव की दिशा में तेजी से बढ़ रही
स्वयं सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी और मनरेगा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के कारण हमारी पंचायत गरीबी मुक्त गांव बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।
— सुभाष खरवी, पंचायत विकास अधिकारी, मुद्राडी ग्राम पंचायत
पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाया योजनाओं का लाभ
7,050 से अधिक आबादी वाली हमारी पंचायत में पात्र लाभार्थियों तक बिना किसी भेदभाव के सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है।
— सतीश वड्डरसे, पंचायत विकास अधिकारी, हकलाडी ग्राम पंचायत
पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित
ग्राम पंचायत में 5 किलोवाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया गया है। दो ऑपरेटरों की सहायता से ग्रामीणों को नियमित और सुचारु रूप से पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
—रितेश एन. पुत्रन, पंचायत विकास अधिकारी, मडामक्की ग्राम पंचायत
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