सुल्या में बिना खंभे हटाए बनी कंक्रीट सडक़
सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
सुल्या (दक्षिण कन्नड़). दक्षिण कन्नड़ जिले के सुल्या में सरकारी अस्पताल के पीछे जूनियर कॉलेज जाने वाली नगर पंचायत सडक़ पर बीचोंबीच चार बिजली के खंभे छोडक़र कंक्रीट सडक़ बना दी गई है। इस अनोखे निर्माण को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की कमी पर सवाल उठ रहे हैं।
आमतौर पर सडक़ निर्माण से पहले बिजली के खंभों को दूसरी जगह स्थानांतरित किया जाता है, लेकिन यहां खंभों को हटाए बिना ही सडक़ का निर्माण कर दिया गया। इससे वाहन चालकों को खंभों के बीच से निकलना पड़ रहा है। आमने-सामने दो वाहन आने पर दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है, जबकि दोपहिया चालक और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति और अधिक जोखिमपूर्ण मानी जा रही है।
नगर पंचायत ने झाड़ा पल्ला
नगर पंचायत के मुख्याधिकारी बसवराज ने स्पष्ट किया कि यह सडक़ निर्माण नगर पंचायत ने नहीं कराया। उनके अनुसार, संभवत: समीपवर्ती लेआउट के लोगों ने यह कार्य कराया है। नगर पंचायत ने न तो इसके लिए कोई निधि दी और न ही अनुमति जारी की।
निर्माण कार्य में जल निकासी व्यवस्था भी अधूरी छोड़ दी गई है। सडक़ के नीचे डाली गई पाइप लाइन का एक सिरा कंक्रीट की दीवार से बंद कर दिया गया है, जिससे बारिश का पानी निकलने का रास्ता ही नहीं बचा। वहीं पाइप को पर्याप्त गहराई में नहीं डालने से भारी वाहनों के दबाव में उसके क्षतिग्रस्त होने की आशंका भी जताई जा रही है।
गारंटी समिति की बैठक में उठा मामला
जिला गारंटी योजना समिति की बैठक में भी यह मुद्दा उठा। समिति के अध्यक्ष भरत मुंडोडी ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए मेस्कॉम के सहायक कार्यकारी अभियंता तथा नगर पंचायत के मुख्याधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने पूछा कि सार्वजनिक सडक़ पर नियमों की अनदेखी कर यह निर्माण किस विभाग की अनुमति से किया गया और यदि कोई हादसा होता है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी।
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