मडिवाल समाज की आपत्ति के बाद जताया खेद, बोले- किसी समुदाय का अपमान करने का उद्देश्य नहीं था
बागलकोट. भाजपा विधायक सिद्धू सवदी द्वारा एक राजनीतिक कार्यक्रम में दिए गए “धोबी का कुत्ता, न घर का न घाट का” बयान पर उठे विवाद के बाद उन्होंने सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त करते हुए माफी मांगी है। मडिवाल (धोबी) समाज के प्रतिनिधियों ने इस टिप्पणी को समाज का अपमान बताते हुए विधायक से सार्वजनिक क्षमा मांगने की मांग की थी।
बयान पर हुआ विरोध
29 जून को तेरदाल के मल्लिकार्जुन मंदिर में भाजपा नगर इकाई के पदाधिकारियों की बैठक के दौरान सिद्धू सवदी ने दल-बदल और पार्टी विरोधी गतिविधियों पर टिप्पणी करते हुए उक्त कहावत का प्रयोग किया था। इसके बाद यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और पक्ष-विपक्ष में बहस छिड़ गई।
मडिवाल समाज के नेताओं ने कहा कि सदियों से समाज की सेवा और स्वच्छता से जुड़े समुदाय के नाम का राजनीतिक व्यंग्य के रूप में इस्तेमाल करना उचित नहीं है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से सार्वजनिक मंचों पर सभी समुदायों की गरिमा बनाए रखने की अपील की।
विधायक ने जताया खेद
विवाद बढऩे पर विधायक सिद्धू सवदी ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी भी समाज का अपमान करना नहीं था। उन्होंने कहा कि मैंने केवल प्रचलित कहावत का राजनीतिक संदर्भ में उपयोग किया था। यदि मेरे शब्दों से मडिवाल समाज के किसी भी व्यक्ति की भावनाएं आहत हुई हैं तो मैं हृदय से खेद व्यक्त करता हूं और क्षमा मांगता हूं।
विवाद के बाद विधायक की ओर से दी गई इस सार्वजनिक माफी को राजनीतिक माहौल शांत करने की पहल के रूप में देखा जा रहा है।
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