नाबालिग से दुष्कर्म सिद्ध, 30 हजार रुपए जुर्माना
पीडि़ता को 5 लाख रुपए मुआवजा देने का आदेश
यादगीर. नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के एक मामले में यादगीर जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी संतोष राठौड़ को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास तथा 30 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। न्यायालय ने पीडि़ता को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से 5 लाख रुपए मुआवजा देने का भी निर्देश दिया है।
2018 में हुई थी वारदात
अभियोजन के अनुसार, यादगीर तालुक के होसल्ली तांडा निवासी संतोष राठौड़ ने वर्ष 2018 के नवंबर और दिसंबर माह के दौरान नाबालिग बालिका को खेत में ले जाकर कई बार दुष्कर्म किया। आरोपी ने घटना का खुलासा करने पर जान से मारने की धमकी भी दी। इस दौरान पीडि़ता गर्भवती हो गई, जिसके बाद मामला सामने आया।
न्यायालय ने सुनाया फैसला
शिकायत के आधार पर यादगीर ग्रामीण पुलिस थाने में पॉक्सो अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने जांच पूरी कर न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई के बाद जिला एवं सत्र न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश मरुलसिद्धराध्य एच. प्रधान ने आरोपी को दोषी मानते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास, 30 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। मामले में सरकार की ओर से प्रधान सरकारी अभियोक्ता गुरुलिंगप्पा श्रीमंत तेली ने प्रभावी पैरवी की।
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