रद्द बीपीएल कार्ड फिर से बनवाने का मौकाजिला पंचायत सभागार में आयोजित अन्नभाग्य योजना की समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए जिला गारंटी योजनाओं के क्रियान्वयन प्राधिकरण के अध्यक्ष सी.एस. चंद्रभूपाल।

पात्र परिवार दोबारा कर सकेंगे आवेदन

सरकार ने 45 दिन की समय सीमा हटाइ

शिवमोग्गा में 13,641 से अधिक कार्ड हुए थे एपीएल में परिवर्तित

शिवमोग्गा. कर्नाटक सरकार ने विभिन्न कारणों से निरस्त होकर एपीएल कार्ड में परिवर्तित हुए बीपीएल राशन कार्ड दोबारा प्राप्त करने के लिए पात्र परिवारों को बड़ी राहत दी है। अब बीपीएल कार्ड बहाल कराने के लिए आवेदन करने की 45 दिन की समय सीमा समाप्त कर दी गई है, जिससे पात्र लाभार्थी बिना किसी समय-सीमा की चिंता के आवेदन कर सकेंगे।

जिला गारंटी योजनाओं के क्रियान्वयन प्राधिकरण के अध्यक्ष सी.एस. चंद्रभूपाल ने जिला पंचायत सभागार में आयोजित अन्नभाग्य योजना की समीक्षा बैठक में खाद्य विभाग के अधिकारियों को पात्र परिवारों को अधिकतम सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

तहसील कार्यालय में करना होगा आवेदन

उन्होंने कहा कि जिन परिवारों के बीपीएल कार्ड एपीएल में बदल गए हैं, वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ संबंधित तहसील कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। जांच के बाद पात्र पाए जाने पर उनके एपीएल कार्ड को फिर से बीपीएल कार्ड में परिवर्तित किया जाएगा।

चार लाख से अधिक परिवारों को मिलेगा लाभ

परिवार डाटा के आधार पर राज्यभर में चार लाख से अधिक बीपीएल कार्ड एपीएल में परिवर्तित किए गए थे। अकेले शिवमोग्गा जिले में 13,641 से अधिक बीपीएल कार्ड प्रभावित हुए थे। नई व्यवस्था से ऐसे पात्र परिवारों को फिर से सरकारी खाद्यान्न और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।

बैठक में सदस्यों ने पात्र आवेदनों का त्वरित निस्तारण करने, बीपीएल पात्रता की निष्पक्ष समीक्षा करने तथा सरकारी परिपत्रों को सही ढंग से लागू करने पर जोर दिया। साथ ही उचित मूल्य की (राशन) दुकानों की नई सतर्कता समितियों के गठन और उन्हें सक्रिय करने के निर्देश भी दिए गए।

 

Breaking News सबसे पहले पाना चाहते हैं?

अभी हमारे WhatsApp Channel को join करें

हर खबर सबसे पहले

Join करें : https://whatsapp.com/channel/0029Vb7S2RA65yD9fZX4Og1Z

Spread the love

By Bharat Ki Awaz

मैं भारत की आवाज़ हिंदी न्यूज़ पोर्टल से जुड़ा हुआ हूँ, जहाँ मेरा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और ताज़ा ख़बरें पहुँचाना है। राजनीति, समाज, संस्कृति और स्थानीय मुद्दों पर गहरी रुचि रखते हुए मैं हमेशा कोशिश करता हूँ कि समाचार केवल सूचना न हों, बल्कि पाठकों को सोचने और समझने का अवसर भी दें। मेरी लेखनी का मक़सद है—जनता की आवाज़ को मंच देना और देश-समाज से जुड़े हर पहलू को ईमानदारी से प्रस्तुत करना। भारत की आवाज़ के माध्यम से मैं चाहता हूँ कि पाठक न केवल ख़बरें पढ़ें, बल्कि उनसे जुड़ाव महसूस करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *