खादर के अलावा किसी को नहीं मिला प्रतिनिधित्व
मांकल वैद्य का नाम अंतिम क्षणों में सूची से हटा
दक्षिण कन्नड़, उडुपी और उत्तर कन्नड़ में कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं में निराशा
उडुपी। कर्नाटक मंत्रिमंडल के हालिया विस्तार से तटीय कर्नाटक को अपेक्षित राजनीतिक प्रतिनिधित्व नहीं मिल सका। दक्षिण कन्नड़, उडुपी और उत्तर कन्नड़ जिलों से पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं मंत्री यू.टी. खादर को छोडक़र किसी अन्य कांग्रेस विधायक या विधान परिषद सदस्य को मंत्रिमंडल में स्थान नहीं मिला, जिससे क्षेत्र में खुशी से अधिक निराशा का माहौल है।
आखिरी क्षण में बदली तस्वीर
सबसे अधिक निराशा भटकल विधायक मांकल वैद्य को लेकर रही। कांग्रेस की प्रारंभिक सूची में उनका नाम शामिल होने से समर्थकों में उत्साह था, लेकिन करीब दो घंटे बाद जारी संशोधित सूची में उनका नाम हटाकर एस.एस. मल्लिकार्जुन को शामिल कर लिया गया। इससे मंत्री पद लगभग तय होने के बाद भी मांकल वैद्य अवसर से वंचित रह गए।
कई दावेदार, लेकिन मौका नहीं
उत्तर कन्नड़ में वरिष्ठ नेता आर.वी. देशपांडे, विधान परिषद सदस्य मंजुनाथ भंडारी, आइवन डीसूजा तथा पुत्तूर विधायक अशोक राय भी मंत्री पद के प्रमुख दावेदार माने जा रहे थे, लेकिन किसी को भी मौका नहीं मिला। तीनों तटीय जिलों की 19 विधानसभा सीटों में कांग्रेस के 6 विधायक होने के बावजूद केवल एक मंत्री का प्रतिनिधित्व मिलने से पार्टी कार्यकर्ताओं में असंतोष है।
अब नए प्रभारी मंत्रियों पर नजर
मंत्रिमंडल विस्तार के बाद उडुपी, उत्तर कन्नड़ और दक्षिण कन्नड़ के लिए नए जिला प्रभारी मंत्रियों की नियुक्ति भी होनी है। फिलहाल आपदा प्रबंधन की जिम्मेदारी यू.टी. खादर संभाल रहे हैं। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि इस बार भी उडुपी जिले को किसी अन्य जिले का प्रभारी मंत्री मिल सकता है।
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