सूखे पर पहले सर्वे, फिर सियासत करें भाजपा : संतोष लाडमंत्री संतोष लाड।

केंद्रीय सहायता में भेदभाव का आरोप

कांग्रेस में असंतोष स्वाभाविक, नेतृत्व जल्द निकालेगा समाधान

हुब्बल्ली। मंत्री संतोष लाड ने प्रदेश में सूखे की स्थिति को लेकर भाजपा पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि यदि विपक्ष को वास्तव में किसानों की चिंता है, तो पहले प्रभावित क्षेत्रों का सर्वेक्षण कर केंद्र सरकार को तथ्यात्मक रिपोर्ट सौंपे, उसके बाद राज्य सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक बयानबाजी से किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा।

सूखे की घोषणा वैज्ञानिक सर्वे के बाद

पत्रकारों से बातचीत में लाड ने कहा कि राज्य सरकार वर्षा, फसल और किसानों की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है। सभी जिलों से निर्धारित मानकों के अनुरूप रिपोर्ट मंगाई जा रही है। वैज्ञानिक सर्वेक्षण और मैदानी सत्यापन पूरा होने के बाद ही सूखाग्रस्त क्षेत्रों की घोषणा की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार कांग्रेस शासित राज्यों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है और राहत संबंधी प्रस्तावों पर अपेक्षित सहयोग नहीं दे रही।

कांग्रेस में असंतोष स्वाभाविक

मंत्रिमंडल विस्तार के बाद कांग्रेस में उभरे असंतोष पर लाड ने कहा कि मंत्री पद नहीं मिलने से कुछ नेताओं की नाराजगी स्वाभाविक है। “कुछ असंतोष है, मैं इससे इनकार नहीं करता, लेकिन पार्टी नेतृत्व सभी वरिष्ठ नेताओं और विधायकों से संवाद कर रहा है। जल्द ही सभी मुद्दों का समाधान निकाल लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक बड़ा राजनीतिक दल है, इसलिए अलग-अलग अपेक्षाएं और मत होना असामान्य नहीं है।

उन्होंने कार्यकर्ताओं से संयम बनाए रखने और पार्टी नेतृत्व पर विश्वास रखने की अपील करते हुए कहा कि संगठन की एकजुटता सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा सभी मतभेद संवाद के माध्यम से दूर किए जाएंगे।

 

Breaking News सबसे पहले पाना चाहते हैं?

अभी हमारे WhatsApp Channel को join करें

हर खबर सबसे पहले

Join करें : https://whatsapp.com/channel/0029Vb7S2RA65yD9fZX4Og1Z

 

Spread the love

By Bharat Ki Awaz

मैं भारत की आवाज़ हिंदी न्यूज़ पोर्टल से जुड़ा हुआ हूँ, जहाँ मेरा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और ताज़ा ख़बरें पहुँचाना है। राजनीति, समाज, संस्कृति और स्थानीय मुद्दों पर गहरी रुचि रखते हुए मैं हमेशा कोशिश करता हूँ कि समाचार केवल सूचना न हों, बल्कि पाठकों को सोचने और समझने का अवसर भी दें। मेरी लेखनी का मक़सद है—जनता की आवाज़ को मंच देना और देश-समाज से जुड़े हर पहलू को ईमानदारी से प्रस्तुत करना। भारत की आवाज़ के माध्यम से मैं चाहता हूँ कि पाठक न केवल ख़बरें पढ़ें, बल्कि उनसे जुड़ाव महसूस करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *