संजीविनी संघों में करोड़ों की बचत, लाखों की हेराफेरी!संजीविनी संघ।

उडुपी में दो मामलों ने खोली वित्तीय निगरानी की पोल

फर्जी हस्ताक्षर और दस्तावेजों से 56.50 लाख रुपए के दुरुपयोग का आरोप

उडुपी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण, आत्मनिर्भरता और ग्रामीण स्तर पर बचत की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए गठित संजीविनी ग्राम पंचायत स्तरीय संघ अब वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों से घिर गए हैं। उडुपी जिले में दो अलग-अलग मामलों में करीब 56.50 लाख रुपए के कथित दुरुपयोग का खुलासा हुआ है। दोनों मामलों में संघ की मुख्य पुस्तक लेखिकाओं पर ही आरोप लगे हैं।

संजीविनी संघों में करोड़ों रुपए की बचत और विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत मिलने वाली राशि का संचालन अध्यक्ष, सचिव और मुख्य पुस्तक लेखिकाओं के स्तर पर होता है। किसी एक विभाग के सीधे वित्तीय नियंत्रण में नहीं होने के कारण निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

दो मामलों में एक जैसा तरीका

कोटा थाना क्षेत्र के हार्दल्ली-मंडल्ली ग्राम पंचायत के समृद्धि संजीविनी संघ में 33.50 लाख रुपए तथा पेरडूर थाना क्षेत्र के पद्मकमल संजीविनी संघ में 23 लाख रुपए के कथित दुरुपयोग के मामले दर्ज हुए हैं।

दोनों मामलों में अध्यक्ष और सचिव के फर्जी हस्ताक्षर, सदस्यों के नाम पर नकली दस्तावेज तैयार करने, बैंक खातों से रकम निकालने और लेखापरीक्षण से बचने के लिए अलग-अलग रिकॉर्ड रखने जैसे आरोप सामने आए हैं।

हार्दल्ली-मंडल्ली में 33.50 लाख का मामला

समृद्धि संजीविनी संघ की मुख्य पुस्तक लेखिका अश्विनी के खिलाफ कोटा थाने में मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष के फर्जी हस्ताक्षर एवं मुहरों का इस्तेमाल कर विभिन्न स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों के भी फर्जी हस्ताक्षर तैयार किए गए और करीब 33.50 लाख रुपए का दुरुपयोग किया गया।

संघ के अंतर्गत 54 स्वयं सहायता समूह हैं। वर्ष 2022 से विभिन्न योजनाओं के तहत सरकार ने करीब 52.50 लाख रुपए जारी किए थे। इस राशि को आवश्यकता के अनुसार समूहों में वितरित करने की जिम्मेदारी मुख्य पुस्तक लेखिका की थी।

पेरडूर में 23 लाख की कथित धोखाधड़ी

पद्मकमल संजीविनी संघ में भी इसी तरह की वित्तीय अनियमितता का आरोप है। मुख्य पुस्तक लेखिका सुगंधी और उनके पति संतोष पर सदस्यों के नाम से फर्जी दस्तावेज और हस्ताक्षर तैयार करने तथा अध्यक्ष और सचिव के फर्जी हस्ताक्षर से चेक के जरिए बैंक से रकम निकालने का आरोप है।

आरोप है कि ऋण की वसूली राशि बैंक में जमा नहीं की गई और लेखापरीक्षण के दौरान संदेह न हो, इसके लिए अलग-अलग हिसाब-किताब की किताबें रखी गईं। करीब 23 लाख रुपए की कथित हेराफेरी की जांच जारी है।

महिलाओं के वित्तीय अनुशासन पर असर

संजीविनी संघों ने ग्रामीण महिलाओं में बचत, ऋण वापसी और वित्तीय अनुशासन विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इनके माध्यम से हजारों महिलाओं ने स्वरोजगार शुरू कर परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत की है। ऐसे मामलों से केवल धन का नुकसान नहीं होता, बल्कि महिलाओं के बीच आपसी विश्वास भी प्रभावित होता है और स्वयं सहायता समूहों की पूरी व्यवस्था कमजोर पडऩे का खतरा रहता है।

विशेषज्ञों के अनुसार बैंक लेन-देन की नियमित निगरानी, सामाजिक लेखापरीक्षण, डिजिटल निगरानी और वित्तीय जिम्मेदारियों का विकेंद्रीकरण जरूरी है।

दोषियों को सजा मिलने तक नहीं छोड़ेंगे

उडुपी जिला पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतीक बायल ने कहा कि संजीविनी संघों में हो रही वित्तीय धोखाधड़ी को बेहद गंभीरता से लिया गया है। तीन स्तरों पर कार्रवाई की जा रही है। दोषियों को सजा मिलने तक उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा।

दो मामलों के सामने आने के बाद जिले के अन्य संजीविनी संघों के वित्तीय लेन-देन की भी कड़ी निगरानी की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

 

Breaking News सबसे पहले पाना चाहते हैं?

अभी हमारे WhatsApp Channel को join करें

हर खबर सबसे पहले

Join करें : https://whatsapp.com/channel/0029Vb7S2RA65yD9fZX4Og1Z

 

Spread the love

By Bharat Ki Awaz

मैं भारत की आवाज़ हिंदी न्यूज़ पोर्टल से जुड़ा हुआ हूँ, जहाँ मेरा उद्देश्य पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और ताज़ा ख़बरें पहुँचाना है। राजनीति, समाज, संस्कृति और स्थानीय मुद्दों पर गहरी रुचि रखते हुए मैं हमेशा कोशिश करता हूँ कि समाचार केवल सूचना न हों, बल्कि पाठकों को सोचने और समझने का अवसर भी दें। मेरी लेखनी का मक़सद है—जनता की आवाज़ को मंच देना और देश-समाज से जुड़े हर पहलू को ईमानदारी से प्रस्तुत करना। भारत की आवाज़ के माध्यम से मैं चाहता हूँ कि पाठक न केवल ख़बरें पढ़ें, बल्कि उनसे जुड़ाव महसूस करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *