आश्रम में अवैध आवासीय स्कूल पर छापा, 15 छात्राएं मुक्तआवासीय स्कूल पर छापामारी कर जांच करते अधिकारी।

बिना अनुमति और वैध दस्तावेजों के छात्राओं को रखने का आरोप

संयुक्त टीम ने नवनगर बालिका गृह भेजा

हुब्बल्ली। शहर की डॉलर्स कॉलोनी स्थित श्रीमाता आश्रम में बिना आवश्यक अनुमति, पंजीकरण और दस्तावेजों के आवासीय विद्यालय संचालित किए जाने के आरोप में प्रशासनिक टीम ने छापा मारा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए), जिला बाल संरक्षण इकाई, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, पुलिस और महिला पुलिस दस्ते ‘अक्का पडे’ की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए आश्रम में रह रही 15 छात्राओं को मुक्त कराया।

अधिकारियों के अनुसार, आश्रम में कक्षा पांचवीं से द्वितीय पीयूसी तक की छात्राओं के लिए आवासीय व्यवस्था थी। जांच के बाद सभी छात्राओं को नवनगर स्थित सरकारी बालिका गृह में भेजा गया।

रिकॉर्ड और अनुमति की जांच

महिला एवं बाल विकास विभाग को शिकायत मिली थी कि आश्रम में बच्चों को कथित तौर पर बिना सरकारी मान्यता के रखा जा रहा है तथा उन्हें परिजनों से मिलने और घर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। शिकायत के आधार पर संयुक्त टीम ने आश्रम में छात्राओं के रहने के कमरों, कक्षाओं, खाद्य सामग्री के भंडार, उपस्थिति पंजिका और पंजीकरण संबंधी दस्तावेजों की जांच की।

डीएलएसए के सदस्य सचिव अल्लप्पा एम. बडिगेर ने बताया कि आश्रम प्रबंधन बच्चों से संबंधित आवश्यक वैधानिक दस्तावेज और अनुमति प्रस्तुत नहीं कर सका। उनके अनुसार, संचालिका मातोश्री तेजोमयी ने सक्षम विभागों से पूर्व अनुमति लिए बिना छात्राओं को वहां रखा था। अधिकारियों के मुताबिक, कुछ छात्राएं करीब तीन वर्षों से आश्रम में रह रही थीं।

नियमों के तहत होगी कार्रवाई

अधिकारियों ने कहा कि बच्चों को आवासीय व्यवस्था में रखने के लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया और आवश्यक अनुमतियों का पालन जरूरी है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

आश्रम प्रबंधन ने आरोपों से किया इनकार

आश्रम की प्रमुख मातोश्री तेजोमयी ने प्रशासन की कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए कहा कि श्रीमाता आश्रम ट्रस्ट के तहत श्री शारदा गुरुकुल में छात्राओं को अभिभावकों की सहमति से नि:शुल्क आवासीय शिक्षा, संस्कार और नैतिक शिक्षा दी जा रही थी। शिक्षक नियमित रूप से आश्रम आकर पढ़ाते हैं और अभिभावकों की बैठक भी अधिकारियों की मौजूदगी में हुई थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि बिना पूर्व सूचना के कार्रवाई कर बच्चों में भय का माहौल बनाया गया। प्रबंधन ने कहा कि शिक्षा विभाग से आवश्यक अनुमति लेकर सभी नियमों का पालन करते हुए आगे की शिक्षा जारी रखने का प्रयास किया जाएगा।

 

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By Bharat Ki Awaz

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