जर्जर सडक़ और सुरक्षा इंतजामों की कमी से पर्यटक परेशान
49 लाख रुपए की विकास राशि मंजूर
रट्टीहल्ली (हावेरी)। लगातार हो रही बारिश के बीच रट्टीहल्ली तालुक के मदग-मासूर जलप्रपात और झील को देखने के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। बारिश के मौसम में यहां का प्राकृतिक सौंदर्य देखते ही बनता है। कई बार इसका नजारा विश्वप्रसिद्ध जोग जलप्रपात जैसा मनोहारी दिखाई देता है। लेकिन पर्यटकों के लिए बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षा इंतजामों की कमी चिंता का विषय बनी हुई है।
जलप्रपात और झील तक पहुंचने वाली सडक़ कच्ची है और जगह-जगह कीचड़ तथा बड़े-बड़े गड्ढों से भरी है। बारिश के कारण यहां वाहन चलाना भी मुश्किल हो जाता है। इससे पर्यटकों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
सुरक्षा व्यवस्था नदारद
जलप्रपात देखने के स्थान पर सुरक्षा के लिए न तो पर्याप्त अवरोधक हैं और न ही चेतावनी संबंधी सूचना पट्टिकाएं। थोड़ी सी लापरवाही पर्यटकों के लिए गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।
बारिश के मौसम में यहां सैकड़ों वाहन और हजारों पर्यटक पहुंचते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी दुर्घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय प्रशासन और संबंधित विभागों को पहले ही सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए।
जून से दिसंबर तक आते हैं पर्यटक
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता सुरेश बडिगेरी ने कहा कि हर साल जून से दिसंबर के अंत तक कर्नाटक के अलावा दूसरे राज्यों से भी बड़ी संख्या में पर्यटक यहां प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने और जलप्रपात व झील देखने आते हैं। इसके बावजूद यहां बुनियादी सुविधाओं और पर्यटकों की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। उन्होंने जल्द आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।
49 लाख रुपए की विकास राशि मंजूर
विधायक यू.बी. बणकार ने बताया कि ऐतिहासिक मदग-मासूर जलप्रपात के आसपास आवश्यक विकास कार्यों के लिए सरकार ने 49 लाख रुपए की अनुदान राशि मंजूर की है। जल्द ही काम शुरू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जलप्रपात स्थल पर पर्यटकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सुरक्षा अवरोधक बनाए जाएंगे और पर्यटकों के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जाएगी।
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