आठ साल से अधूरा कृष्णापुर बाजार, आवारा पशुओं का बना ठिकानाआठ साल से अधूरा कृष्णापुर बाजार।

डेढ़ करोड़ रुपए खर्च के बाद भी अधूरी इमारत; सडक़ किनारे कारोबार करने को मजबूर व्यापारी

सुरत्कल (दक्षिण कन्नड़)। कृष्णापुर में प्रस्तावित व्यवस्थित बाजार भवन का निर्माण शुरू हुए करीब आठ वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन अब तक यह पूरा नहीं हो सका है। अधूरी पड़ी इमारत अब आवारा श्वानों और मवेशियों का ठिकाना बन गई है। इसके आसपास मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ रहा है। वहीं, व्यापारी वर्षों से बाजार भवन के पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं।

सुरत्कल क्षेत्र के मध्यम आकार के बाजारों में कृष्णापुर बाजार भी महत्वपूर्ण है। यहां व्यवस्थित बाजार बनाने की योजना को वर्ष 2015-16 में मंजूरी मिली थी। मेंगलूरु महानगर निगम ने 2016 में 50 लाख रुपए और मार्च 2017 में एक करोड़ रुपए जारी किए। कुल 1.50 करोड़ रुपए की लागत से निर्माण शुरू हुआ था।

अनुदान की कमी बनी बाधा

भवन की नींव, दीवार और स्लैब का काम पूरा होने के बाद धन की कमी के कारण निर्माण रोक दिया गया। बाद में कोरोना महामारी ने भी काम को प्रभावित किया। इसके बाद दोबारा धनराशि जारी कर निर्माण शुरू किया गया, लेकिन फिर काम बंद हो गया। दो चरणों में जारी धनराशि के बावजूद भवन अब तक पूरा नहीं हो पाया है।

कई काम अब भी बाकी

418 वर्गमीटर क्षेत्र में बने इस भवन में भूतल और कंक्रीट छत का काम पूरा है, लेकिन कमरे, ग्रिल, चैंबर, रोलिंग शटर और टाइल्स सहित कई कार्य अधूरे हैं।

सडक़ किनारे कारोबार की मजबूरी

वर्तमान बाजार में पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण व्यापारी सडक़ किनारे कारोबार करने को मजबूर हैं। ग्राहकों का कहना है कि आधुनिक और व्यवस्थित बाजार बनने से सडक़ किनारे होने वाले कारोबार से राहत मिल सकती है। हालांकि, अधूरे भवन को कब तक पूरा किया जाएगा, इसे लेकर व्यापारी असमंजस में हैं।

प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश

विभिन्न कारणों से अधूरे पड़े निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश अधिकारियों को दिया गया है।
डॉ. भरत शेट्टी वाई., विधायक, मेंगलूरु उत्तर

 

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By Bharat Ki Awaz

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