जोयडा में गवली समुदाय के 13 परिवारों ने छोड़ा गांवजोयडा तालुक के आवेडा ग्राम पंचायत क्षेत्र का गवलीवाड़ गांव।

15 दिनों में 72 लोग मवेशियों समेत हुए पलायन

ग्रामीणों में भय, प्रशासन ने शुरू की जांच

जोयडा (उत्तर कन्नड़)। जोयडा तालुक के आवेडा ग्राम पंचायत क्षेत्र के गवलीवाड़ में धनगर गवली समुदाय के परिवारों का अचानक पलायन चर्चा का विषय बना हुआ है। गांव में इस समुदाय के 18 परिवार रहते थे, जिनकी कुल आबादी करीब 103 थी। पिछले 15 दिनों में 13 परिवारों के 72 लोग अपने मवेशियों के साथ गांव छोड़ चुके हैं। अब केवल पांच परिवार बचे हैं और इनके भी पलायन की तैयारी करने की बात सामने आई है।

ग्रामीणों के अनुसार, गवली समुदाय के लोग आसपास के रिसॉर्ट में काम करते थे। समुदाय के पुरुषों का पारंपरिक नृत्य पर्यटकों के बीच आकर्षण का केंद्र था और समूह में पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत कर वे अतिरिक्त आय अर्जित करते थे।

कुछ परिवारों ने गांव की जमीन बेचकर प्राप्त राशि में अपनी बचत जोडक़र जोयडा तालुक के रामनगर के आसपास गारली, अडाली, फणसौली और यल्लापुर में जमीन खरीद ली है। कुछ लोग दूर रहने वाले रिश्तेदारों के यहां भी चले गए हैं।

हालांकि पलायन का कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। राजस्व विभाग के एक अधिकारी के अनुसार, कम आमदनी, वन भूमि के पट्टे नहीं मिलना और गांव में हुई कुछ असामयिक मौतों के कारण लोगों में चिंता हो सकती है। स्थानीय पूर्व ग्राम पंचायत सदस्य के अनुसार, पिछले एक दशक में दुर्घटनाओं सहित विभिन्न कारणों से 10 से अधिक युवाओं की असामयिक मौत हुई है। इससे लोगों में भय और अंधविश्वास बढ़ा है।

जोयडा तहसीलदार मंजुनाथ मुन्नोल्ली और राजस्व विभाग के अधिकारियों ने गांव का दौरा कर ग्रामीणों से जानकारी ली है। प्रशासन के अनुसार, पलायन का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं है और गांव में बुनियादी सुविधाओं की कोई बड़ी कमी नहीं है।

 

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By Bharat Ki Awaz

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