20 अगस्त से 10 विभागों का स्थानांतरण
मोबाइल पर 8 हजार पाठ, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए ‘ई-स्पर्धा’ मंच
बेलगावी। रानी चन्नम्मा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. त्यागराज ने कहा कि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक गतिविधियां अक्टूबर से नए परिसर से संचालित होने लगेंगी। पहले चरण में 20 अगस्त से 10 विभागों के स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू होगी।
शहर में रविवार को कर्नाटक पत्रकार संघ और कर्नाटक जर्नलिस्ट यूनियन की ओर से आयोजित पत्रकारिता दिवस समारोह में पत्रकारों का सम्मान करने के बाद कुलपति प्रो. त्यागराज ने कहा कि नए परिसर को केवल इमारतों का समूह बनाने के बजाय उत्तर कर्नाटक के विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शोध और कौशल विकास का प्रमुख केंद्र बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अगले 100 दिन विश्वविद्यालय के लिए निर्णायक हैं। नए परिसर में आवश्यक आधारभूत सुविधाएं चरणबद्ध तरीके से विकसित की जा रही हैं। अगस्त से विभागों का स्थानांतरण शुरू कर अक्टूबर तक प्रमुख शैक्षणिक एवं प्रशासनिक गतिविधियां नए परिसर से संचालित करने की तैयारी है।
मोबाइल पर मिलेंगे 8 हजार पाठ
विश्वविद्यालय के दायरे में करीब 1.40 लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इनमें लगभग 80 प्रतिशत विद्यार्थी पिछड़े, दलित और सामान्य परिवारों से आते हैं। ऐसे विद्यार्थियों तक शिक्षा आसानी से पहुंचाने के लिए तकनीक का उपयोग किया जा रहा है।
कुलपति ने कहा कि ‘इ-विद्या’ मंच पर करीब 8 हजार पाठ उपलब्ध कराए गए हैं। विद्यार्थी इन्हें मोबाइल फोन के माध्यम से सुन और पढ़ सकेंगे। ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए यह डिजिटल पहल उपयोगी साबित होगी।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए ‘इ-स्पर्धा’
विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए धारवाड़, हुब्बल्ली या बेंगलूरु जाने की आवश्यकता न पड़े, इसके लिए ‘इ-स्पर्धा’ मंच तैयार किया गया है। इसके माध्यम से विद्यार्थी मोबाइल पर ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रशिक्षण और अध्ययन सामग्री प्राप्त कर सकेंगे।
इसके अलावा विश्वविद्यालय के अधीन आने वाले 40 कॉलेजों के करीब 10 हजार विद्यार्थियों को कौशल प्रशिक्षण देने की योजना भी शुरू की गई है।
सुधा मूर्ति ने दिए 2 करोड़ रुपए
कुलपति ने कहा कि विद्यार्थियों की शैक्षणिक एवं कौशल विकास गतिविधियों के लिए सुधा मूर्ति ने 2 करोड़ रुपए की सहायता दी है। अनुदान प्राप्त करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका उपयोग विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण के लिए करना विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी है।
बसवन्ना सहित पांच अध्ययन पीठ
विश्वविद्यालय में इस वर्ष बसवन्ना अध्ययन पीठ शुरू किया गया है। इसके साथ विश्वविद्यालय में कुल पांच प्रमुख अध्ययन पीठ हो गए हैं। इनमें डॉ. बी.आर. आंबेडकर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय, कित्तूर रानी चन्नम्मा और क्रांतिवीर संगोली रायन्ना अध्ययन पीठ भी शामिल हैं।
कुलपति ने कहा कि अध्ययन पीठ केवल नाम तक सीमित न रहकर समाजोन्मुख, ज्ञानोन्मुख और सेवामुखी गतिविधियों का केंद्र बनें। बसवन्ना अध्ययन पीठ के नेतृत्व के लिए योग्य व्यक्ति की नियुक्ति जल्द की जाएगी।
कर्नाटक पत्रकार संघ और कर्नाटक जर्नलिस्ट यूनियन की ओर से आयोजित समारोह में नागनूर रुद्राक्षीमठ के डॉ. अल्लमप्रभु स्वामी का सान्निध्य रहा। संघ के अध्यक्ष मुरुगेश शिवपूजी ने अध्यक्षता की।
कार्यक्रम में नगर निगम आयुक्त कार्तिक एम., कन्नड़ साहित्य परिषद की अध्यक्ष मंगला मेटगुड, वीटीयू के कुलसचिव प्रसाद रामपुरे, आरसीयू कुलपति प्रो. त्यागराज, डीसीपी नारायण बरमनी, बसवराज रोट्टी और ब्रह्मानंद हडगली सहित कई गणमान्य उपस्थित थे।
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