12 जिलों में 1 प्रतिशत भी काम नहीं
सर्वर समस्या और बुजुर्गों-कामगारों के फिंगरप्रिंट नहीं मिलने से परेशानी
बेलगावी। राज्य की उचित मूल्य (राशन) दुकानों में इ-केवाइसी प्रक्रिया शुरू हुए एक माह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक केवल 9.73 प्रतिशत राशन कार्डधारकों का ही इ-केवाइसी हो सका है। सर्वर की समस्या तथा बुजुर्गों और भवन निर्माण श्रमिकों के फिंगरप्रिंट दर्ज नहीं होने समेत कई कारणों से 12 जिलों में एक प्रतिशत भी प्रगति नहीं हुई है।
राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से राज्य की सभी उचित मूल्य दुकानों में 10 जुलाई से इ-केवाइसी शुरू की गई है। इसके लिए बीपीएल, एपीएल और अंत्योदय सहित कुल 2.67 करोड़ राशन कार्डधारकों को चिन्हित किया गया है। 14 अगस्त तक इनमें से 26.03 लाख लोगों ने इ-केवाइसी करा लिया है।
इ-केवाइसी में बेलगावी 52.84 प्रतिशत के साथ सबसे आगे है। विजयपुर 46.35 और रायचूर 25.71 प्रतिशत के साथ क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। वहीं गदग मात्र 0.20 प्रतिशत के साथ सबसे पीछे है।
12 जिलों में 1 प्रतिशत भी प्रगति नहीं
तुमकूरु, कलबुर्गी, हासन, चित्रदुर्ग, हावेरी, कोलार, विजयनगर, दक्षिण कन्नड़, बेंगलूरु ग्रामीण, चिक्कमगलूरु और चामराजनगर में भी इ-केवाइसी की प्रगति एक प्रतिशत तक नहीं पहुंची है।
विभाग के अनुसार, पांच वर्ष पहले इ-केवाइसी कराने वाले कई लाभार्थियों की मृत्यु हो चुकी है। वहीं राशन कार्डों में कुछ अपात्र लोगों के नाम शामिल होने की शिकायतें भी सामने आई हैं। इसलिए पांच वर्ष पहले इ-केवाइसी करा चुके लाभार्थियों को दोबारा इ-केवाइसी कराना अनिवार्य किया गया है। राशन कार्ड में दर्ज प्रत्येक सदस्य का इ-केवाइसी आवश्यक है। विभाग ने चेतावनी दी है कि 30 सितंबर तक इ-केवाइसी नहीं कराने पर राशन वितरण रोक दिया जाएगा।
फिंगरप्रिंट नहीं मिलने से बढ़ी परेशानी
बैलहोंगल तालुक के वक्कुंद निवासी भवन निर्माण श्रमिक सहदेव करीकट्टी ने कहा कि “मैं इ-केवाइसी कराने के लिए तीन बार उचित मूल्य दुकान गया, लेकिन मेरा फिंगरप्रिंट दर्ज नहीं हो रहा है। अब समझ नहीं आ रहा कि इ-केवाइसी कैसे कराऊं।”
बेलगावी में रह रहे सुरेश दानशेट्टी ने कहा कि उनका गांव रामदुर्ग तालुक का हुलकुंद है। एसआइआर प्रक्रिया के लिए गांव जाने के बाद गृहज्योति योजना के लाभार्थियों के दस्तावेजों का पुन: सत्यापन हुआ। अब राशन के लिए इ-केवाइसी कराने के लिए फिर गांव जाना पड़ रहा है। लगातार अलग-अलग प्रक्रियाओं के लिए गांव जाने से परेशानी हो रही है।
व्यवस्था की जाएगी
बुजुर्गों और भवन निर्माण श्रमिकों के फिंगरप्रिंट दर्ज नहीं होने की समस्या सामने आई है। ऐसे लोगों की संख्या सुनिश्चित करने के बाद आइरिस मशीन के जरिए इ-केवाइसी कराने की व्यवस्था की जाएगी।
–मंजुनाथ नायक, उपनिदेशक, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, बेलगावी
समय-सीमा बढ़ानी चाहिए
एसआइआर और गृहज्योति लाभार्थियों के दस्तावेजों के पुन: सत्यापन के बाद राशन के लिए इ-केवाइसी कराने चि_ीदार अपेक्षित संख्या में नहीं पहुंच रहे हैं। इ-केवाइसी की निर्धारित समय-सीमा बढ़ानी चाहिए।
–राजशेखर तलवार, उपाध्यक्ष, राज्य सरकारी राशन वितरक कल्याण संघ
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