चित्रदुर्ग में सूखा, सूरजमुखी की फसल बर्बादसूरजमुखी की फसल।

3.50 लाख हेक्टेयर में महज 18 प्रतिशत बुआई

4,000 हेक्टेयर सूरजमुखी पूरी तरह चौपट

मुआवजे के लिए आंदोलन की चेतावनी

चित्रदुर्ग। जिले में इस वर्ष गंभीर सूखे की स्थिति से किसान भारी संकट में हैं। करीब 3.50 लाख हेक्टेयर खेती योग्य भूमि में अब तक केवल 18 प्रतिशत क्षेत्र में ही बुआई हो पाई है। बारिश के इंतजार में किसानों की उम्मीदें भी अब टूटने लगी हैं।

4,000 हेक्टेयर सूरजमुखी फसल नष्ट

जिले में करीब 4,000 हेक्टेयर क्षेत्र में बोई गई सूरजमुखी की फसल पूरी तरह विफल हो गई है। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। किसानों का कहना है कि पर्याप्त बारिश नहीं होने से फसल बचाने की सारी कोशिशें बेकार साबित हुईं।

फसल नुकसान के बाद किसान सरकार से मुआवजे की मांग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, विपक्ष के नेता आर. अशोक और जिला प्रभारी मंत्री टी. रघुमूर्ति ने जिले का दौरा कर किसानों के खेतों का निरीक्षण किया था। मंत्री रघुमूर्ति ने सरकार को रिपोर्ट सौंपकर आवश्यक राहत उपाय करने का आश्वासन भी दिया था।

आश्वासन के बाद भी राहत नहीं

निरीक्षण और आश्वासन को 15 दिन से एक माह बीत चुका है, लेकिन किसानों के अनुसार अब तक कोई ठोस राहत नहीं मिली है। इतना ही नहीं, जिले को अभी तक सूखाग्रस्त घोषित भी नहीं किया गया है।

आंदोलन की तैयारी

लगातार उपेक्षा से नाराज किसान अब फिर आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। जिला किसान संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द मुआवजा और राहत उपाय नहीं किए गए तो सरकार के खिलाफ व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।

किसान संगठनों ने सरकार और जिला प्रशासन से फसल नुकसान का तत्काल आकलन कर प्रभावित किसानों को राहत देने तथा जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की है।

 

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By Bharat Ki Awaz

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