दवाओं की गुणवत्ता पर सवाल: कर्नाटक में 301 बैच मानकों पर खरे नहीं उतरेदवाओं की गुणवत्ता पर सवाल: कर्नाटक में 301 बैच मानकों पर खरे नहीं उतरे

पैरासिटामोल से लेकर आईवी फ्लूइड तक शामिल

5 कंपनियां काली सूची में

हुब्बल्ली। सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए इस्तेमाल होने वाली दवाओं की गुणवत्ता को लेकर कर्नाटक में चिंताजनक जानकारी सामने आई है। पिछले पांच वर्षों के दौरान किए गए गुणवत्ता परीक्षण में पैरासिटामोल, आईवी फ्लूइड समेत कुल 301 दवा बैच निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे।

19.2 करोड़ रुपए की दवाएं गुणवत्ता परीक्षण में विफल

कर्नाटक राज्य चिकित्सा आपूर्ति निगम लिमिटेड (केएसएमएससीएल) के माध्यम से खरीदी गई 98 प्रकार की दवाओं को परीक्षण के लिए भेजा गया था। इनमें कई दवाएं ‘नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी’ (एनएसक्यू) पाई गईं। सूची में सामान्य रूप से इस्तेमाल होने वाली इबुप्रोफेन, विभिन्न एंटीबायोटिक्स, आयरन की गोलियां और जटिल इंजेक्शन भी शामिल हैं।

आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2021-22 में करीब 9 करोड़ रुपए मूल्य के 77 बैच गुणवत्ता परीक्षण में विफल पाए गए थे। वहीं, 2024-25 में 5.2 करोड़ रुपए मूल्य के 146 बैच मानकों पर खरे नहीं उतरे।

5 कंपनियां काली सूची में

स्वास्थ्य मंत्री यूटी खादर के अनुसार, घटिया गुणवत्ता वाली दवाओं की आपूर्ति करने वाली कम से कम पांच कंपनियों को काली सूची में डाल दिया गया है। किसी दवा बैच के गुणवत्ता परीक्षण में विफल पाए जाने के तत्काल बाद उसकी आपूर्ति रोक दी जाती है।

संबंधित आपूर्तिकर्ताओं को 10 दिनों के भीतर निर्धारित गुणवत्ता वाली नई दवाओं का स्टॉक उपलब्ध कराने का निर्देश दिया जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए दवाओं की गुणवत्ता की निगरानी और कड़ी की जा रही है।

 

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By Bharat Ki Awaz

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